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शरीर बोला ना, हालात बोले ना… लेकिन हौसले-अनुभव ने कहा आगे बढ़ो, और कदम बढ़ चले मैराथन की राह पर

-हरपाल सिंह ने टाटा मुंबई मैराथन में चौथी बार प्रतिभाग कर लखनऊ को किया गौरवान्वित


सेहत टाइम्स

लखनऊ। एक बार तो शरीर ने कहा नहीं, परिस्थितियां भी कह रही थी कि नहीं, लेकिन फिर अंदर दिल की आवाज ने कहा कि नहीं पीछे नहीं हटना है, सब हो जायेगा और फिर वही हुआ मैंने 42.2 किलोमीटर की मैराथन पूरी करके ही दम लिया। सफलता की खुशी से अभिभूत होकर ये शब्द कहे हरपाल सिंह ऐबट ने। इधर डेढ़ हजार से ज्यादा किलोमीटर दूर लखनऊ में बैठे पिता कृृपाल सिंह ऐबट ने जब यह खबर सुनी तो उनकी खुशियों का ठिकाना नहीं रहा, उनकी छाती चौड़ी हो गयी, बूढ़ी हड्डियों में नयी जान आ गयी और बोले पुत्तर मुझे तुझ पर गर्व है।

ज्ञात हो हरपाल सिंह ऐबट राजधानी लखनऊ में समर विहार एसोसिएशन व श्री सुखमनी साहिब सेवा सोसाइटी, लखनऊ के अध्यक्ष एवं समाज सेवी कृपाल सिंह ऐबट के पुूत्र हैं। हरपाल सिंह ऐबट ने गत दिवस रविवार 18 जनवरी को एशिया की सबसे प्रतिष्ठित रोड रेस में से एक टाटा मुंबई मैराथन में चौथी बार प्रतिभाग कर लखनऊ को गौरवान्वित किया।

हरपाल ने बताया, “टाटा मुंबई मैराथन 2026 मेरा चौथा फुल मैराथन था। उन्होंने कहा कि यह एशिया की सबसे प्रतिष्ठित रोड रेस में से एक है और इसमें एथलेटिक चुनौती, सामुदायिक भावना और सामाजिक प्रभाव का एक अनोखा मेल है। टाटा मुंबई मैराथन के 21वें एडिशन में सभी कैटेगरी में 69,000 से ज़्यादा धावकों ने रिकॉर्ड तोड़ हिस्सा लिया, जिसमें इन-पर्सन और वर्चुअल एंट्री शामिल थीं। इनमें से 14,000 से ज़्यादा धावकों ने फुल मैराथन की दूरी तय की, जो भारत और दुनिया भर में लंबी दूरी की दौड़ के प्रति बढ़ते जुनून को दिखाता है।

हरपाल ने कहा कि सिर्फ़ एक रेस से कहीं ज़्यादा, टाटा मुंबई मैराथन एक ऐसा मज़बूत प्लेटफॉर्म बन गया है जो फिटनेस का जश्न मनाता है, एकता को बढ़ावा देता है और अच्छे कामों को सपोर्ट करता है। वर्ल्ड एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रेस के तौर पर, यह एलीट एथलीटों, शौकिया धावकों और किसी मकसद के लिए दौड़ने वाले समुदायों को एक साथ लाता है – स्वास्थ्य और पर्यावरण से लेकर शिक्षा और सशक्तिकरण तक इसकी पहुँच और प्रभाव फिनिश लाइन से कहीं आगे तक जाता है, जो हर साल देश भर में हजारों लोगों को प्रेरित करता है।

इस मैराथन को पूरा करना मेरे लिए एक पर्सनल मील का पत्थर रहा है, और मुझे इस इवेंट का हिस्सा होने पर गर्व है जो न सिर्फ़ शारीरिक सीमाओं को आगे बढ़ाता है, बल्कि लोगों को उत्कृष्टता, लचीलेपन और मकसद की तलाश में एक साथ लाता है।