सिगरेट से भी ज्यादा हानिकारक है बीड़ी

एराज मेडिकल कॉलेज ने मनाया तम्बाकू निषेध दिवस

लखनऊ। एरॉज लखनऊ मेडिकल कॉलेज में पलमोनरी मेडिसिन विभाग द्वारा आज 2 जून को तम्बाकू निषेेध दिवस मनाया गया जिसमें लगभग 150 मरीज एवं उनके रिश्तेदारों ने भाग लिया। इस उपलक्ष्य पर बोलते हुए प्रो0 राजेन्द्र प्रसाद विभागाध्यक्ष, पल्मोनरीमेडिसिन एरॉज लखनऊमेडिकलकॉलेज, पूर्वनिदेशक वल्लभ भाई पटेल चेस्ट इंस्टिट्यूट, दिल्ली ने बताया कि तम्बाकू के सेवन से हर साल दुनियाभर में 60 लाख व्यक्तियों की मृत्यु तम्बाकू के सीधे उपयोग से और अमूमन 8 लाख 90 हजार मृत्यु तम्बाकू के धुएं की चपेट में आने (पैसिव स्मोकिंग) से होती है।

51 प्रतिशत लोग पीते हैं बीड़ी और 19 प्रतिशत सिगरेट

डॉ प्रसाद ने बताया कि तम्बाकू के सेवन से विभिन्न प्रकार के कैंसर, हदय रोग, फेफड़ा रोग एवं आघात होने की सम्भावना रहती है। इससे अस्थमा और टीबी भी बिगड़ जाती है। सभी तम्बाकू उत्पादों में से, भारत में बीड़ी स्मोकिंग सर्वाधिक उपयोग में लाया जाता है, जिसका दर लगभग 51 प्रतिशत है। वहीं सिगरेट 19 प्रतिशत एवं 30 प्रतिशत दर तम्बाकू चबाने का है। 284 फेफड़े कैंसर रोगी के एक अध्ययन का ब्योरा देते हुए प्रो राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि बीड़ी का सेवन सिगरेट के सेवन से ज्यादा खतरनाक है। उन्होंने आगे कहा कि तम्बाकू के सेवन से होने वाली मृत्यु गरीबी का एक प्रमुख कारण है।
परम्परागत तौर से तम्बाकू जागरूकता एवं नियंत्रण कार्यक्रम में सिगरेट के सेवन को रोकने पर जोर दिया गया है, मगर बीड़ी का उपयोग अभी भी भारत वर्ष में तम्बाकू के सेवन का एक प्रमुख तरीका है। प्रो0 राजेन्द्र प्रसाद ने इस दिवस पर मौजूद सभी लोगो से आग्रह किया कि सब किसी भी तरह के तम्बाकू उत्पाद का सेवन न करने का प्रण लें और जो तम्बाकू का सेवन कर रहे हैं वह उसे छोड़ दें।

इस मौके पर सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ आनन्द वर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ अभिषेक अग्रवाल,  असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ सौरभ करमाकर एवं सभी जूनियर रेसीडेन्ट मौजूद रहे।