महाराष्ट्र में चिकित्सकों के साथ मारपीट के विरोध में चिकित्सकों का प्रदर्शन

केजीएमयू के गेट पर कैंडल मार्च निकलते डॉक्टर्स।

लखनऊ।  महाराष्ट्र में डॉक्टरों पर अपनी ड्यूटी के दौरान मरीज के तीमारदारों व असामाजिक तत्वों द्वारा जानलेवा हमले के विरोध में  इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आईएमए के तत्वावधान में आज यहां संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान तथा किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के इंटर्न चिकित्सकों ने अपना विरोध जताया। विरोध स्वरूप चिकित्सकों ने जहां हेलमेट पहन कर अपनी ड्यूटी की, वहीं मार्च निकाल कर भी अपना विरोध प्रकट किया।
आईएमए लखनऊ शाखा के अध्यक्ष डॉ पीके गुप्ता ने बताया कि हम लोग महाराष्ट्र आईएमए की कार्यवाही का समर्थन करते हैं और सरकार से मांग करते हैं कि जिस प्रकार नौकरशाह, राजनेता तथा न्यायाधीशों की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य द्वारा सुनिश्चित की जाती है उसी प्रकार डॉक्टरों की सुरक्षा उनके कार्यस्थल पर देने की जिम्मेदारी राज्य प्रशासन की है। मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट का प्रभावी क्रियान्वयन हो। यदि कार्य के दौरान सुरक्षा नहीं मिलेगी तो गंभीर रोगियों एवं दुर्घटनाग्रस्त मरीजों का इलाज प्रभावित होगा और यह समाज के लिए घातक होगा। उन्होंने कहा कि मरीजों के साथ ही चिकित्सकों का भी हनन नहीं होना चाहिये।
संजय गांधी पीजीआई के रेजीडेंट्स डॉक्टर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी डॉ नर्वेश ने बताया कि हम लोगों ने महाराष्ट्र में डॉक्टरों के खिलाफ हुई घटना के विरोध तथा वहां के डॉक्टरों द्वारा की गयी हड़ताल के समर्थन में  मरीजों को देखते समय हेलमेट पहना तथा पूरे पीजीआई परिसर में विरोध मार्च निकाला। उन्होंने बताया कि हम पूरी तरह से महाराष्ट्र के डॉक्टरों के साथ हैं और अगर उनकी हड़ताल जारी रहती है तो हम लोग भी सामूहिक अवकाश पर जायेंगे।