मशरूम का लुत्फ़,बनाये आपको तंदुरुस्त

कुछ दशकों पहले मशरूम अर्थात “खुंब” को अधिक विषैली और हानिकारक वनस्पति समझा जाता था लेकिन जब वैज्ञानिकों नें मशरूम को अधिक गुणकारी वनस्पति बताया तो अधिकाँश घरों में मशरूम को सब्ज़ी के रूप में उपयोग किया जाने लगा | अल्प मात्रा में मशरूम का उत्पादन होने से धनाढ्य परिवार के स्त्री पुरुष ही इसका अधिक उपयोग कर पाते हैं | फाइव स्टार होटलों में मशरूम की सब्ज़ी विशेष रूप से बनाई जाती है |

देश के विभिन्न प्रदेशों में मशरूम की खेती की जा रही है | उत्तर प्रदेश,हिमाचल प्रदेश,चंडीगढ़,पंजाब,गुजरात और महाराष्ट्र में मशरूम को बहुतायत से उगाया जाता है,लेकिन जम्मू कश्मीर में उगाये गए मशरूम को ही अधिक पसंद किया जाता है |

वनस्पति विशेषज्ञों के अनुसार मशरूम ३००० किस्मों से भी अधिक जाति के होते हैं,जिनमें से १३० किस्में ही सब्ज़ी के रूप में इस्तेमाल की जाति है | विशेषज्ञों के अनुसार मशरूम कवग वर्ग,फंगस वर्ग की वनस्पति हैं |

मशरूम में गुणकारी पौष्टिक तत्व :-

मशरूम में जल की मात्रा लगभग ८३-९१ % होती है | मशरूम में प्रोटीन ३.९४%, वसा ०.६५%, कार्बोहायड्रेट ६.२८% मात्रा में होती है | मशरूम में भरपूर खनिज तत्व होते हैं | मशरूम में फॉस्फोरस ०.१५%, लौह तत्व १९.५%, तांबा १.३४%, पी.पी.एम पोटेशियम ०.१५% और कैल्शियम ०.२४% मात्रा में होते हैं | मशरूम में शर्करा की पर्याप्त मात्रा होने के कारण इसकी पाचन क्रिया शीघ्रता से होती है |मशरूम में अण्डों से भी अधिक एमिनोएसिड होता है | रक्ताल्पता से पीड़ित स्त्री पुरुष में मशरूम का सेवन करने से बहुत लाभ होता है क्यूंकि मशरूम में कुछ ऐसे विटामिन होते हैं जो रक्त निर्माण तीव्र गति से करते हैं |

मशरूम में गुणकारी औषधीय तत्व :-

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार मशरूम में कुछ ऐसे औषधि तत्व होते हैं जो विभिन्न रोगों को नष्ट करते हैं | मधुमेह और उच्च रक्तचाप की कुछ औषधियां मशरूम के गुणकारी रस से बनाई जाति है | मशरूम में वसा और कार्बोहाइड्रेटेड तत्व अल्प मात्रा में होते हैं| इसके सेवन से किसी स्त्री पुरुष के स्थूल होने की आशंका नहीं होती है | गर्भावस्था के दौरान में कुछ स्त्रियों में विटामिन-बी काम्प्लेक्स की बहुत कमी हो जाति है | ऐसी स्थिति में मशरूम के सेवन से रक्ताल्पता की विकृति भी नष्ट होती है |

अतः कुल मिला कर निष्कर्ष यही निकलता है की मशरूम का सेवन ना सिर्फ हमें सर्दियों में बल्कि हर ऋतु में स्वस्थ और निरोगी बनाने में सहायक है | यह हर उम्र में ना सिर्फ फायदेमंद है बल्कि पौष्टिक भी है |