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बजट से योगी सरकार ने सिद्ध कर दिया, वह शिक्षक विरोधी

-माध्‍यमिक शिक्षक संघ ने की बजट की निंदा

लखनऊ। आज उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना बजट पेश किया है। वित्तविहीन शिक्षक साथियों को इस बजट से मानदेय मिलने की आशा थी। जिस पर इस सरकार ने वज्रपात किया हैं। वित्तविहीन साथियों को यह आशा बंधी थी कि उन्हें योगी सरकार जिसने पिछली सरकार के प्रोत्साहन भत्ते को बंद कर दिया था, मानदेय इस बजट में देगी लेकिन यह सरकार उनके लिए छलावा ही साबित हुई। इस सरकार ने सिद्ध कर दिया है कि वह शिक्षक विरोधी है। माध्यमिक शिक्षक संघ बजट की निन्दा करता है। सभी शिक्षक साथियों को इस बजट से निराशा हुई, शिक्षकों को एकजुट होकर संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए।

चंदेल गुट के अधिकृत शिक्षक एम एल सी प्रत्याशी डॉ महेन्द्र नाथ राय ने कहा कि शिक्षक राजनीति किसी भी दशा में सत्ता की गुलाम नहीं होगी। शिक्षक अपने सम्मान, स्वाभिमान, सेवा सुरक्षा और वेतन तथा सेवा नियमावली दिलाने के लिए संगठन निरन्तर संघर्ष करता रहेगा। जब तक समान कार्य समान वेतन तथा समान सेवा नियमावली लागू नहीं हो जाती। नवीन पेंशन योजना का विरोध करते हुए डॉ राय ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना बहाल कराकर ही संगठन चैन से बैठेगा।

उन्‍होंने कहा कि सभी शिक्षकों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना माध्यमिक शिक्षक संघ का नैतिक दायित्व है। हम शिक्षकों के जो हक और हूकूक हैं उनके लिए निरंतर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करते रहेंगे। वित्तविहीन साथियों की सेवा सुरक्षा तथा समान कार्य के लिए समान वेतन दिलाने के लिए हमारा संगठन निरंतर संघर्ष करता रहा है और जब तक हम लोग दिला नहीं लेंगे, चैन से नहीं बैठेंगे।

उन्‍होंने कहा कि राइट टू एजुकेशन प्रदेश के माध्यमिक स्तर की सभी शिक्षण संस्थाओं में लागू किया जाये और प्रति छात्र 22 हजार रुपये संस्थाओं को उपलब्ध कराया जाए और उससे होने वाली आय को शिक्षकों के वेतन पर खर्च किया जाये, जिससे हर शिक्षक को कम से कम 25000 रुपये से 30000 रुपये प्रतिमाह वेतन प्राप्त हो सकता है तथा विद्यालयों की भी आर्थिक स्थिति‍ मजबूत होगी। यह कानून संसद में पास हुआ है और सरकार का यह दायित्व है कि संसद में पास हुए कानून को लागू करें और उस कानून को लागू करने के बाद जो फीस की छूट है वह संस्थाओं को भुगतान के माध्यम से उपलब्ध करायें तथा सभी शिक्षकों को राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय के शिक्षकों को चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराना सरकार का नैतिक दायित्व है।