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कोरोना वारियर महिला डॉक्‍टर के फेफड़ों के ट्रांसप्‍लांट के लिए योगी ने दिये डेढ़ करोड़ रुपये

-गर्भावस्‍था में ड्यूटी करते समय अप्रैल में हो गयी थी कोविड संक्रमित

-लोहिया संस्‍थान में कार्यरत रेजीडेंट डॉक्‍टर मई से है एक्‍मो सपोर्ट पर

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान से डीएनबी कर रही रेजिडेंट डॉक्टर शारदा सुमन के फेफड़ों के ट्रांसप्लांट के लिए डेढ़ करोड़ की धनराशि मंजूर की है। डॉ शारदा सुमन बीते अप्रैल माह में कोविड की दूसरी लहर के दौरान गर्भावस्था में ड्यूटी करते समय कोविड संक्रमित हो गई थीं। इस समय डॉ शारदा लोहिया संस्थान में भर्ती हैं तथा पिछले 42 दिनों से एक्मो (ECMO) मशीन के सपोर्ट पर हैं। डॉ शारदा का लंग ट्रांसप्लांट किम्स सिकंदराबाद में किया जा सकता है।

यह जानकारी लोहिया संस्थान की निदेशक डॉ सोनिया नित्यानंद ने आज एक पत्रकार वार्ता में देते हुए बताया कि डॉ शारदा सुमन संस्थान के ऑब्‍स एवं गाइनीकोलॉजी विभाग में डीएनबी जूनियर रेजिडेंट तृतीय वर्ष के रूप में कार्यरत है, इनका कार्यकाल 13 सितंबर 2021 को समाप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि डॉ शारदा बीते 14 अप्रैल को माह में आखिरी तिमाही की गर्भावस्था में अपनी इमरजेंसी ड्यूटी करते समय कोविड संक्रमित हो गयी थीं। 1 मई को अति गंभीर स्थिति में डॉ सुमन ने सिजेरियन प्रसव द्वारा आठ माह के गर्भ वाली बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद डॉ शारदा वेंटीलेटरी सपोर्ट पर रहीं। 6 मई को उनकी कोविड रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद संस्‍थान के आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया।

डॉ सोनिया ने बताया कि 20 मई को डॉ शारदा को न्‍यूमोथोरेक्स (pneumothorax) एवं ब्रॉन्‍कोप्‍लूरल फि‍स्‍चुला (Bronchopleural fistula) हो गया जिसके कारण 21 मई को उन्हें एक्‍मो मशीन पर रखा गया, तब से निरंतर वह इस मशीन के सपोर्ट पर हैं। डॉ सुमन का इलाज करने वाले डॉ पीके दास ने उन्हें लंग ट्रांसप्लांट की जरूरत बताई तथा बताया कि इसकी सुविधा के लिए एमजीएम चेन्नई,  किम्‍स (केआईएमएस) सिकंदराबाद, अपोलो चेन्नई या यशोदा हॉस्पिटल हैदराबाद शिफ्ट करने की सलाह दी। उन्होंने यह भी बताया कि ट्रांसप्लांट में लगभग एक करोड़ 20 लाख का खर्च आएगा।

इसके बाद डॉ सुमन के पति दरभंगा बिहार में रेजिडेंटशिप कर रहे डॉ अजय कुमार ने 25 जून को अपनी पत्नी डॉ यशोदा के ड्यूटी के दौरान कोविड संक्रमित होने व छोटी बच्‍ची की जिम्‍मेदारी व आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए सहायता के लिए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को पत्र लिखकर आग्रह किया। इस पत्र को लेकर संस्थान की निदेशक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर सहायता देने का अनुरोध किया जिसे मुख्यमंत्री ने तुरंत ही स्वीकार कर लिया। मुख्‍यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर उसकी संस्‍तुति लेने के निर्देश दिये। केजीएमयू के डॉक्टर बीएनबीएम प्रसाद की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया जिसने लंग ट्रांसप्लांट के लिए मेडिकल जर्नल लैंसेट में छपे हुए उन 10 बिंदुओं के क्राइटेरिया को भी देखा जो लंग ट्रांसप्लांट के लिए आवश्यक हैं, समिति ने बताया कि डॉ शारदा सुमन इन 10 बिंदुओं में से 8 बिंदुओं को पूरा कर करती हैं और इस तरह से समिति ने डॉक्टर शारदा को लंग ट्रांसप्लांट करवाने पर अपनी सहमति दी।

इस रिपोर्ट को जैसे ही मुख्यमंत्री के पास भेजा गया उन्होंने डेढ़ करोड़ की मदद देने के आदेश कर दिए। डॉ सोनिया ने बताया अब इन चारों अस्पतालों में से एक अस्पताल का चुनाव करके डॉक्टर शारदा को एयर एंबुलेंस से ट्रांसप्लांट के लिए शिफ्ट किया जाएगा। डॉ सोनिया ने कहा की आम जनमानस के प्रति मुख्यमंत्री की इस उदारता और उपकार के लिए हम सभी आभारी हैं उनके द्वारा दिया गया यह अनुदान न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत में सभी डॉक्टरों के मनोबल को बढ़ावा देगा, जिससे डॉक्टर कोविड रोगियों की देखभाल के लिए और अधिक प्रेरणा के साथ कार्य करेंगे। पत्रकार वार्ता में संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ राजन भटनागर, चिकित्‍सा अधीक्षक डॉ विक्रम सिंह तथा मीडिया प्रवक्ता डॉ श्रीकेश सिंह भी उपस्थित रहे।