पिता की मौत से दुखी तो हुए योगी आदित्‍यनाथ, लेकिन दी कर्म को प्राथमिकता

-ट्वीट किया, विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित, लॉकडाउन के बाद दर्शनार्थ जाऊंगा

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के पिता आनन्‍द सिंह बिष्‍ट का लम्बी बीमारी के बाद आज 20 अप्रैल को नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में पूर्वान्ह निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थे। अचम्भित करने वाली बात यह है कि जिस समय यह समाचार मुख्‍यमंत्री को मिला, उस समय वह मीटिंग कर रहे थे, लोगों ने सोचा था कि अब वह मीटिंग छोड़ देंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ, उनकी आंखें नम हुईं, लेकिन उन्‍होंने अगले पल ही मीटिंग जारी रखी, करीब 40 मिनट यह मीटिंग चली।

बाद में योगी आदित्‍यनाथ ने अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा कि पूज्य पिताजी के कैलाशवासी होने पर मुझे भारी दुःख एवं शोक है। वह मेरे पूर्वाश्रम के जन्मदाता हैं। जीवन में ईमानदारी, कठोर परिश्रम एवं नि:स्वार्थ भाव से लोक मंगल के लिए समर्पित भाव के साथ कार्य करने का संस्कार बचपन में उन्होंने मुझे दिया।

उन्‍होंने लिखा कि अंतिम क्षणों में पिताजी के दर्शन की हार्दिक इच्छा थी, परंतु वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ देश की लड़ाई को उत्तर प्रदेश की 23 करोड़ जनता के हित में आगे बढ़ाने के कर्तव्यबोध के कारण मैं दर्शन न कर सका।

साथ ही यह भी लिखा है कि कल 21 अप्रैल को अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में लॉकडाउन की सफलता तथा महामारी कोरोना को परास्त करने की रणनीति के कारण भाग नहीं ले पा रहा हूं। पूजनीया माँ, पूर्वाश्रम से जुड़े सभी सदस्यों से भी अपील है कि लॉकडाउन का पालन करते हुए कम से कम लोग अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में रहें।

उन्‍होंने कहा है कि पूज्य पिताजी की स्मृतियों को कोटि-कोटि नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा हूं। लॉकडाउन के बाद दर्शनार्थ जाऊंगा।

उत्‍तर प्रदेश मंत्रिमण्डल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिताश्री आनंद सिंह विष्ट के निधन पर गहरा शोक एवं संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शान्ति की कामना की है। मंत्रीगणों ने शोकाकुल परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने के लिए ईश्वर से शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

मंत्रिमण्डल के इन सदस्यों में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ दिनेश शर्मा कैबिनेट मंत्रिगणों में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, वन एवं पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान, समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, विधायी एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक, पशुधन मत्स्य एवं दुग्ध विकास लक्ष्मी नारायण चौधरी, सैनिक कल्याण, होमगाडर्स, प्रान्तीय रक्षक दल एवं नागरिक सुरक्षा मंत्री चेतन चौहान, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्त्रोत मंत्री श्रीकांत शर्मा, ग्राम्य विकास मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह (मोती सिंह), खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा, नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, नागरिक उड्डयन व राजनीतिक पेंशन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, जलशक्ति मंत्री डॉ महेन्द्र सिंह, गन्ना विकास एवं चीनी मिलें, सुरेश राणा, पंचायतीराज मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी, पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री अनिल राजभर, आबकारी एवं मद्य निषेध मंत्री श्री राम नरेश अग्निहोत्री तथा प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमलरानी शामिल हैं।

इसके अलावा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उपेन्द्र तिवारी, आयुष मंत्री डॉ धर्म सिंह सैनी, महिला कल्याण मंत्री स्वाती सिंह, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल, बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी, उद्यान, कृषि, विपणन मंत्री श्रीराम चौहान तथा परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने भी मुख्यमंत्री के पिता के निधन पर गहरा शोक एवं संवेदना व्यक्त की है।

राज्य मंत्रियों में माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी, पशुधन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास मंत्री जय प्रकाश निषाद, कारागार मंत्री जय कुमार सिंह जैकी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री अतुल गर्ग, खाद्य एवं रसद मंत्री रणवेन्द्र प्रताप सिंह (धुन्नी सिंह), अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहसिन रजा, आवास एवं शहरी नियोजन मंत्री गिरीश चन्द्र यादव, जलशक्ति मंत्री बलदेव सिंह ओलख, श्रम एवं सेवायोजन मंत्री मनोहर लाल मन्नु कोरी, वित्त चिकित्सा शिक्षा तथा प्राविधिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, गन्ना विकास एवं चीनी मिलें मंत्री सुरेश पासी, वन एव पर्यावरण मंत्री अनिल शर्मा शामिल हैं।

इसके अलावा राज्य मंत्रियों में नगर विकास मंत्री महेश गुप्ता, संसदीय कार्य, ग्राम्य विकास मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, राजस्व एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री विजय कश्यप, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री डॉ गिरराज सिंह धर्मेश, कृषि मंत्री लाखन सिंह राजपूत, उच्च शिक्षा तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री नीलिमा कटियार, एमएसएमई मंत्री चौधरी उदयभान सिंह, लोक निर्माण मंत्री चन्द्रि प्रसाद उपाध्याय, ऊर्जा मंत्री रमाशंकर सिंह पटेल तथा इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अजीत सिंह पाल ने मुख्यमंत्री के पिताश्री के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।