भत्‍ते काटकर दिल तोड़ दिया कर्मचारियों का, काला फीता आंदोलन की तैयारी पूरी

-इप्‍सेफ के आह्वान पर 19 मई को आंदोलन के दूसरे चरण के लिए व्‍यापक सम्‍पर्क अभियान

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ इप्सेफ के आह्वान पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा घोषित आंदोलन कार्यक्रम के दूसरे चरण की तैयारी के लिए आज लखनऊ के विभिन्न कार्यालयों में संपर्क किया गया। साथ ही सभी संवर्गों के पदाधिकारियों से दूरभाष पर बात कर कल की रणनीति तैयार की गई।

मंडलीय मंत्री राजेश चौधरी ने बताया कि वन विभाग में डॉ पी के सिंह व आशीष पाण्डेय, लोहिया अस्पताल में डी डी त्रिपाठी व राम मनोहर कुशवाहा, लोहिया संस्थान में अमित शर्मा, के जी एम यू में प्रदीप गंगवार, एस जी पी जी आई में सीमा शुक्ला, सिविल अस्पताल में जी सी दुबे, बलरामपुर में सुभाष श्रीवास्तव के नेतृत्व में, रोडवेज़,कृषि, गन्ना विभाग, वाणिज्य कर, सिचाई विभाग, सूचना आदि कार्यालयों में  कर्मचारियों से बात की गई। अवगत कराया गया कि महंगाई भत्ते को फ्रीज किए जाने, नगर प्रतिकर भत्ता समाप्त किए जाने सहित उत्तर प्रदेश में छह और भत्ते समाप्त किए जाने से नाराज देशभर के कर्मचारी कल काला फीता बांधकर कार्य करेंगे, साथ ही सभी कर्मचारी प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री कार्यालय को ईमेल,  ट्वीट कर नया आंदोलन छेड़ने जा रहे हैं, कल सभी कार्यालयों में कर्मचारी व्यक्तिगत दूरी बनाते हुए कर्मचारियों के साथ हो रहे इस सौतेलेपन का विरोध करेंगे।

परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने बताया कि जनपद अध्यक्ष सुभाष श्रीवास्तव की अध्यक्षता में लखनऊ की रणनीति तय करने के लिए आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें मुख्य रूप से परिषद के संगठन प्रमुख के के सचान, अध्यक्ष सुरेश रावत,  वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश चन्द्र मिश्रा, महामंत्री अतुल मिश्रा,  प्रमुख उपाध्यक्ष सुनील यादव, राजीव तिवारी अध्यक्ष डेन्टल हाइजिनिस्ट एसो, डी डी त्रिपाठी अध्यक्ष राम मनोहर लोहिया अस्पताल, अमित शर्मा राम मनोहर लोहिया संस्थान, अभय पांडेय गन्ना विभाग कर्मचारी संघ, आशीष पांडेय महामंत्री वन विभाग कर्मचारी फेडरेशन, बी एन मिश्रा महामंत्री समाज कल्याण मिनिस्टीरियल एसोसिएशन, जे पी मौर्या महामंत्री वाणिज्य कर मिनी कर्मचारी संघ, ऑप्टोमेट्रिस्ट संघ के अध्यक्ष सर्वेश पाटिल व जनपद के अन्य पदाधिकारी व मंडलीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।

श्री मिश्रा ने कहा कि कर्मचारियों में अत्यंत आक्रोश व्याप्त है कोरोना जैसी महामारी से लड़ने में प्रदेश का हर कर्मचारी जी जान से लगा हुआ है अपनी जान की परवाह नहीं कर रहा है। कर्मचारी दिन रात एक कर 24 घंटे सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन सरकार द्वारा उन्हें पुरस्कृत और सम्मानित करने के स्थान पर उनका महंगाई भत्ता व 6 भत्तों को स्थगित करने के उपरांत कुछ ही दिन बाद समाप्त करने का निर्णय निश्चित रूप से गरीब कर्मचारियों के प्रति सरकार का रुख नकारात्मक सिद्ध हो रहा है। भत्तों की कटौती निश्चित ही अत्यंत पीड़ादायक है, कर्मचारी स्वयं को अपमानित महसूस कर रहे हैं।