स्‍कूलों में बच्‍चों को अनौपचारिक शिक्षा देने के लिए प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण

दो दिन की कार्यशाला में 54 प्रतिभागी ले रहे हैं प्रशिक्षण

लखनऊ। प्रज्ञा इंटरनेशनल ट्रस्ट और नान-वायलेन्स प्रोजेक्ट फ़ाउंडेशन इंडिया ने दो दिवसीय 29 और 30 अप्रैल “स्कूलों में शांति के लिए” प्राथमिक स्तर की “प्रशिक्षकों के लिए प्रशिक्षण” कार्यशाला की शुरुआत आज रिंग रोड, इन्दिरा नगर स्थित आईसीसीएमआरटी  (सहकारी और कॉर्पोरेट प्रबंधन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान) लखनऊ मे की गयी । प्रशिक्षण कार्यक्रम मे उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आये 54 महिला व पुरुष प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, कार्यशाला का उदघाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं पूर्व लोकायुक्त न्यायमूर्ति एससी वर्मा ने किया।

 

कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे भावी प्रशिक्षकों की खेप तैयार करना है जो भारतीय स्कूलों में अनौपचारिक शैक्षिक कार्यक्रम के तहत स्कूली बच्चों को चरणबद्ध तरीके से, विश्वस्तरीय गुणवत्ता-परक  प्रशिक्षण प्रदान करने में रुचि रखते हैं यह अनूठा और एक अनौपचारिक शैक्षिक कार्यक्रम भारतीय स्कूलों में भावी पीढ़ी मे आत्मसम्मान, शांतिपूर्ण संघर्ष संकल्प, शांति, अहिंसा, भारतीय संविधान, उपभोक्ता अधिकार, पर्यावरण, जीवन शैली और मानसिक स्वास्थ्य, भारतीय विरासत आदि को बढ़ाने के लिए शुरू किया जा रहा है।

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त जिन चार मुख्य प्रशिक्षकों द्वारा भावी प्रशिक्षकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जा रहा है वे हैं मूलतः अफगानिस्तान से हयात अमीरी, अशोका फ़ेलोशिप से सम्मानित केरल से एम वी मैथिव, यूनिसेफ़ के पूर्व अधिकारी औगस्टिन वेलियथ और केरल से ही आये मशहूर प्रशिक्षक थॉमस जॉन पेलककुडी।

 

उदघाटन सत्र के समय, ख्यातिप्राप्त इतिहाकार, मशहूर लेखिका और जयहिंद कॉलेज मुंबई की पूर्व प्रिन्सिपल प्रोफेसर कीर्ति नारायण, प्रमुख समाजसेवी पी एन कल्कि, डॉ भानु, सुनीता मल्ल सहित आईसीसीएमआरटी के अधिकारीगण विशेष रूप से मौजूद रहे ।