-पैनेशिया बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कम्पनियां कर रही ट्रायल
-माइक्रोकॉन-2023 के दूसरे दिन देश-विदेश के 50 से ज्यादा वक्ताओं ने दिये व्याख्यान
-सम्मेलन स्थल पर लगे आठ इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले पर दी गयीं हैं महत्वपूर्ण जानकारियां

सेहत टाइम्स
लखनऊ। डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी से निपटने के लिए फिलहाल फ्रांस, जापान, यूएसए में इसकी
वैक्सीन तैयार हो चुकी है, लेकिन अभी इस पर बहुत कार्य करने की आवश्यकता है। भारत में डेंगू रोधी वैक्सीन निर्माण की प्रक्रिया चल रहे हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) नई दिल्ली द्वारा विकसित की जा रही इस वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल भारत में दो कम्पनियां पैनेशिया बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया कर रही हैं।

यह जानकारी आईसीएमआर की वैज्ञानिक डॉ निवेदिता गुप्ता ने यहां अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेन्शन सेंटर में चल रहे इंडियन एसोसिएशन ऑफ मेडिकल माइक्रोबायोलॉजिस्ट माइक्रोकॉन के 46वें वार्षिक सम्मेलन के दूसरे दिन 25 नवम्बर को अपने प्रेजेन्टेशन में दी। दूसरे दिन 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वक्ताओं ने व्याख्यान दिये। सीएमसीए वेल्लोर से आयीं डॉ प्रिया अब्राहम ने हेपेटाइटिस वैक्सीन की जरूरत पर व्याख्यान दिया। मेलियोडोसिस क्लिनिशियन के परिप्रेक्ष्य के बारे में एम्स भुवनेश्वर के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर प्रशांत राघव महापात्रा ने जानकारी दी। हंगरी के एर्ज़सेबेट सेज्ड विश्वविद्यालय सेमेल्विस से आये प्रो नेगी के साथ ही सर गंगा राम अस्पताल नई दिल्ली के डॉ चंद वट्टल, टीएनएमसी और बीवाईएल नायर चैरिटेबल हॉस्पिटल से मुंबई से प्रोफेसर नयना इंगोले, डॉ शशांक पुवार सहित अन्य वक्ताओं ने अपने प्रेजेन्टेशन दिये।

पैनल चर्चा और ओपन हाउस बहस में महात्मा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान वर्धा के प्रोफेसर विजयश्री देवतोले ने
‘नया पीजी पाठ्यक्रम : क्या हम वास्तव में क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजिस्ट तैयार कर रहे हैं’ पर अच्छी चर्चा प्रस्तुत की।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के डॉ अनूप वेलायुधन और डॉ विद्या केआर उप निदेशक स्वास्थ्य सेवा निदेशालय तिरुवनंतपुरम द्वारा संक्रामक रोगों में एक स्वास्थ्य अवधारणा पर संगोष्ठी में जानकारी दी गयी। क्रॉसरोड्स पर क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजीरू जीनोमिक्स टू प्रिसिजन मेडिसिन विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

वृहद स्तर पर हो रही इस कॉन्फ्रेंस में दर्जनो स्टॉल लगे हैं, जिनमें साइंटिफिक उपकरणों के साथ ही अन्य आकर्षक वस्तुएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा परिसर में लगाये लगे इलेक्ट़ानिक डिसप्ले में विभिन्न विषयों पर दी गयी जानकारियों के प्रति प्रतिभागियों में बहुुत उत्साह देखा गया। यहां लगे आठ डिस्प्ले पर प्रतिभागी बड़ी ही उत्सुकता के साथ जानकारी लेते दिखे।
