-एनएमओ की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परिवहन मंत्री ने की मशीनों से सुसज्जित बस देने की पेशकश
-भारत-नेपाल सीमा के सुदूरवर्ती क्षेत्रों के गांवों के लिए तीन दिवसीय श्री गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा रवाना

सेहत टाइम्स
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्व विद्यालय (केजीएमयू) की कुलपति प्रो सोनिया नित्यानंद ने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं में समानता होनी चाहिये, जो स्वास्थ्य सेवाएं कुछ लोगों को मिलती हैं, वे सेवाएं सभी लोगों को मिलें। केजीएमयू इस समानता के लिए प्रतिबद्ध है। हम सभी का लक्ष्य समान स्वास्थ्य सेवा होना चाहिये।
प्रो सोनिया ने यह बात 6 फरवरी को यहां अटल बिहारी साइंटिफिक कन्वेन्शन सेंटर में आयोजित नेशनल मेडिको ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ) व गुरु गोरखनाथ सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्री गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा प्रारम्भ किये जाने के मौके पर आयोजित समारोह की अध्यक्षता करते हुए कही। 7,8 एवं 9 फरवरी को आयोजित शिविरों के लिए स्वास्थ्य यात्रा की रवानगी यहां साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर से की गयी। प्रो सोनिया ने कहा कि जहां स्वास्थ्य सेवाएं नहीं पहुंचती हैं, वहां स्वास्थ्य सेवाएं हम पहुंचायें, इस दिशा में हमें कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए टेलीमेडिसिन सेवा एक अच्छा माध्यम है। एनएमओ का स्वास्थ्य यात्रा का मॉडल पूरे देश को अपनाना चाहिये। समाज सेवा के माध्यम से देश सेवा में भाग लेने वाले चिकित्सकों को मैं शुभकामनाएं देती हूं।

मुख्य अतिथि परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने कहा कि चिकित्सकों द्वारा इतना बड़ा संकल्प का कार्य पूरे हिन्दुस्तान में कहीं नहीं होता होगा। उन्होंने कोरोना काल में चिकित्सकों की भूमिका को याद करते हुए डॉक्टरों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज बड़ी-बड़ी कम्पनियां जो बसें बनाती हैं, उनसे सबसे ज्यादा खरीदारी हमारी सरकार करती है, इसीलिए मैंने कहा था कि इन कम्पनियों से सीएसआर फंड लेना मुश्किल कार्य नहीं है, ऐसे में चिकित्सा के लिए मशीनों से सुसज्जित बस आपके संगठन को देना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि हम लोग सदैव आपकी सहायता के लिए तैयार हैं।



कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ एमएलबी भट्ट ने कहा कि प्रत्येक वर्ष भारत-नेपाल सीमा के थारू और वनटांगिया जनजाति क्षेत्र के गांवों में रहने वालों को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए यात्रा के आयोजन में नेशनल मेडिको ऑर्गेनाइजेशन के हमारे युवा साथियों की मेहनत वाकई काबिले तारीफ है। उन्होंने बताया कि छह वर्षों पूर्व शुरू हुई यह स्वास्थ्य यात्रा का इस बार पांचवां संस्करण है, क्योंकि एक साल कोविड के कारण यात्रा का आयोजन नहीं किया गया था।
प्रो भट्ट ने केजीएमयू की कुलपति प्रो सोनिया नित्यानंद, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो सीएम सिंह, एम्स भोपाल के निदेशक प्रो अजय सिंह, एनएमओ यूपी के अध्यक्ष प्रो विजय कुमार, एनएमओ अवध प्रांत के अध्यक्ष प्रो संदीप तिवारी, एनएमओ अवध प्रांत के महासचिव डॉ शिवम, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्रवण बघेल, यात्रा के संयोजक डॉ सुमित रूंगटा, सह संयोजक डॉ भूपेन्द्र सिंह, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, श्री गोरखनाथ सेवा न्यास के देवरिया मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ राजेश कुमार बरनवाल, धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू, डॉ प्रभात कुमार, प्रतीक अग्रवाल, डॉ विक्रम सिंह, प्रो पूरन चंद्र, नीरज सिंह, डॉ जीपी सिंह के प्रति आभार जताया।
एनएमओ अवध प्रांत के अध्यक्ष प्रां संदीप तिवारी ने नेशनल मेडिकल ऑर्गेनाइजेशन का परिचय देते हुए कहा कि यह एक ऐसा संगठन है जो स्वास्थ्य सेवा से राष्ट्र सेवा करती है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ चिकित्सकों से लेकर मेडिकल छात्र तक इस संगठन के सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि देश के कई भागों में स्वास्थ्य सेवा यात्राएं निकलती हैं। संगठन अपने सदस्यों को यह संदेश देता है कि चिकित्सक भगवान नहीं है बल्कि मरीज भगवान है।
मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारक कौशल किशोर ने कहा प्रतिवर्ष इस यात्रा का स्वरूप बड़ा होता जा रहा है। लखीमपुर से महाराजगंज की जो सीमा है, इस सीमा के जो दस किलोमीटर क्षेत्र के जो गांव हैं उनमें हम मेडिकल कैम्प ले जाते हैं। 15 बसों से जाने वाली यात्रा की व्यवस्था परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने की है। पिछली बार यात्रा पर तीन करोड़ का व्यय हुआ था, जिसमें दो करोड़ की दवाएं शामिल थीं। उन्होंने बताया कि जिन सुदूर वनवासी इलाकों में शिविर लगते हैं, टापू जैसे दिखायी देने वाले उन इलाकों में पहुंचने के लिए 15 किलोमीटर का रास्ता जंगल के बीच से तय करना पड़ता है। यात्रा का स्वरूप और भी बढ़े ऐसी कामना करता हूं।
समारोह में मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी और डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो सीएम सिंह ने भी इस स्वास्थ्य यात्रा में अपनी सेवा देने वालों को शुभकामनाएं देते हुए अपने विचार रखे। समारोह में धन्यवाद प्रस्ताव डॉ भूपेन्द्र सिंह ने प्रस्तुत किया।
