शासन के साथ बैठक में हुए फैसलों के बाद बेसिक हेल्‍थ वर्कर्स का धरना समाप्‍त

-महानिदेशालय के सकारात्मक रुख को देखते हुए आंदोलन वापस लिया गया

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ बेसिक हेल्थ वर्कर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश द्वारा परिवार कल्याण निदेशालय पर दिया जा रहा धरना दूसरे दिन ही समाप्‍त करने की घोषणा की गयी है। यह घोषणा शासन द्वारा कर्मचारियों नेताओं के साथ संयुक्‍त बैठक में सरकार द्वारा लिये गये फैसलों के बाद की गयी।

धरने के दूसरे दिन आज पंकज कुमार, सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की अध्यक्षता में एक बैठक एनेक्सी भवन चतुर्थ तल उनके कार्यालय में संपन्न हुई,  जिसमें उत्तर प्रदेश बेसिक हेल्थ वर्कर एसोसिएशन, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश,  मातृ शिशु महिला कल्याण कर्मचारी संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे। वार्ता के उपरांत संगठन के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बेसिक हेल्थ वर्कर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष धनंजय तिवारी एवं राज्‍य कर्मचारी संयुक्‍त परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने कहा कि शासन व महानिदेशालय के सकारात्मक रुख को देखते हुए आंदोलन को वापस ले लिया गया है। संघ ने महानिदेशक से मांग की कि आज हुए निर्णय कर तत्काल सभी प्रस्ताव तैयार कर शासन को प्रेषित कर दिया जाए जिससे संघ को पुनः आंदोलन का रास्ता नापना न पड़े।

बैठक में डॉ उमाकांत महानिदेशक परिवार कल्याण, विशेष सचिव, उप सचिव, डॉ शैवाल अपर निदेशक प्रशासन के साथ विभिन्न विभागीय अधिकारियों ने भी प्रतिभाग किया। परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने बताया कि इस बैठक में निर्णय लिया गया है कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता पुरुष के पदों हेतु निर्धारित 1 वर्ष की सेवा पूर्व प्रशिक्षण के स्थान पर  2 वर्ष किए जाने के संबंध में महानिदेशालय द्वारा शासन को प्रस्ताव एक सप्ताह के अंदर भेजा जाएगा। यदि इस संबंध में किसी नियमावली या अनुदेश में संशोधन, परिवर्तन की आवश्यकता प्रतीत होती है, तो उसका भी प्रस्ताव दिसंबर 2019 में प्रत्येक दशा में शासन को उपलब्ध कराया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता पुरुष से स्वास्थ्य पर्यवेक्षक पुरुष पर पदोन्नति हेतु वर्तमान में प्रावधान 6 माह के प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षण केंद्रों को तत्काल आवश्यक बजट आवंटित करने का प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया जाएगा।

संविदा एमपीडब्‍ल्‍यू चयन में प्रशिक्षण प्रदान किए जाने के संबंध में  महानिदेशालय द्वारा शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा,  जिस पर प्रमुख सचिव द्वारा बैठक का निर्णय किया जाएगा। परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत मृतक आश्रित के रूप में अभ्यर्थियों को सर्वप्रथम स्वास्थ्य कार्यकर्ता पुरुष के पद पर नियुक्त किया जाएगा तथा सेवाकाल प्रशिक्षण प्रदान कराए जाने के संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक महिला से पीएचएन पद के प्रशिक्षण के संबंध में प्रस्ताव भेजा जाएगा।

जनपदों में कर्मचारियों का एरियर सातवें वेतन आयोग आदि का जो भुगतान लंबित हो उसके संबंध में परिधिगत अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर तत्काल भुगतान करने के निर्देश निर्गत किए जाए। ऐसे स्वास्थ्य  कार्यकर्ता पुरुष जो वर्ष 1986 से 90 के मध्य प्रशिक्षण प्राप्त किए हैं उनकी नियुक्तियां लगभग 10 वर्ष पश्चात विभाग द्वारा की गई है  जिनकी सेवाओं को तत्समय से विनियमित या निरंतर करने के लिए सुसंगत प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया जाएगा।

यह भी निर्णय लिया गया कि संघ की मांगों पर भी गंभीरतापूर्वक विचार किया जा रहा है इसलिए शासन द्वारा किये गए अपील को देखते हुए आंदोलन को जनहित में वापस लिया जाए। बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के महामंत्री अतुल मिश्रा,  उत्तर प्रदेश बेसिक हेल्थ वर्कर एसोसिएशन के अध्यक्ष धनंजय तिवारी,  महामंत्री शिव सागर शुक्ला,  मातृ शिशु महिला कल्याण कर्मचारी संघ की अध्यक्ष मीरा पासवान,  महामंत्री मंशा सिंह, पाली, विनीत मिश्रा सहित  कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ।