उत्तर प्रदेश टास्क फोर्स (क्षय नियंत्रण) आयोजित कर रहा तीन दिवसीय कार्यशाला

लखनऊ। टीबी नियंत्रण के लिए बनी स्टेट टास्क फोर्स द्वारा कल से यहां केजीएमयू में होने जा रही कार्यशाला का एक मुख्य आकर्षण टी.बी. के लिए ऑपरेशनल रिसर्च वर्कशॉप होगा। नये-नये शोध पर विभिन्न स्तरों पर आर्थिक मदद का भी प्रावधान है।
यह जानकारी देते हुए उत्तर प्रदेश टास्क फोर्स (क्षय नियंत्रण) के चेयरमैन डॉ सूर्यकांत ने बताया टीबी दुनिया तथा भारत की एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या है। भारत के प्रधानमंत्री ने 13 मार्च 2018 को टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए सन 2025 का लक्ष्य रखा है। इसी संबंध में उत्तर प्रदेश के क्षय रोग नियंत्रण के लिए एक स्टेट टास्क फोर्स कार्यरत है,जिसके अंतर्गत उत्तर प्रदेश के समस्त 50 मेडिकल कॉलेजों के प्रतिनिधियों द्वारा क्षय नियंत्रण में अपना योगदान दिया जाता है। आपको बता दें कि टीबी पर अच्छे और उपयोगी शोध कार्य के लिए विभिन्न स्तर पर धनराशि दिये जाने का प्रावधान है।
डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि इस संबंध में टास्क फोर्स की तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन के.जी.एम.यू. के कलाम सेंटर में 13,14 एवं 15 मार्च को किया जा रहा है। इस कार्यशाला में क्षय नियंत्रण के लिए बनी नेशनल टास्क फोर्स के चेयरमैन डॉ. दिगंबर बहरा तथा नॉर्थ जोन की टास्क फोर्स के चेयरमैन डॉ ए.के. भारद्वाज तथा उत्तर प्रदेश ऑपरेशनल रिसर्च टीबी के चेयरमैन डॉ सुधीर चौधरी भी भाग लेंगे। कल 13 मार्च को 12 बजे कलाम सेंटर में इसका उद्घाटन होगा। इसमें मुख्य अतिथि के.जी.एम.यू. के कुलपति प्रोफेसर एम.एल.बी. भट्ट होंगे।
इस कार्यशाला में उत्तर प्रदेश के क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता, विश्व स्वास्थ्य संगठन के कंसलटेंट डॉ. उमेश त्रिपाठी, स्टेट टी.बी. डेमोंसट्रेशन सेंटर के निदेशक डॉक्टर शैलेंद्र भटनागर तथा आई.सी.एम.आर. के वैज्ञानिक डॉ.अवि बंसल भी मौजूद रहेंगे।
डॉ सूर्यकांत ने बताया कि इस तीन दिवसीय कार्यशाला में टी.बी. के लिए एक ऑपरेशनल रिसर्च वर्क शॉप का भी आयोजन किया जा रहा है इस तीन दिवसीय टी.बी. की कार्यशाला में क्षय नियंत्रण हेतु विभिन्न योजनाओं पर चर्चा होगी तथा प्रदेश भर में चल रही समस्त योजनाओं की समीक्षा भी होगी।
