-14 दिसम्बर को होने वाले 41वें स्थापना दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सेहत टाइम्स
लखनऊ। शिक्षण, प्रशिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में अब तक हासिल की गयीं उपलब्धियों और संस्थान के निर्माण व प्रगति में कर्मचारियों के महत्वपूर्ण योगदान के गौरवशाली इतिहास पर गर्व करते हुए संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) अपना 41वां स्थापना दिवस कल 14 दिसंबर को मनायेगा। इसी दिन 1980 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी ने इस संस्थान की आधारशिला रखी थी। संस्थान न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पड़ोसी राज्यों, विशेष रूप से मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान के लोगों को अद्वितीय चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है। यहां पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, बांग्लादेश आदि से भी रोगी चिकित्सीय परामर्श के लिये आते हैं।
निदेशक, प्रोफेसर राधा कृष्ण धीमन के अनुसार, संस्थान भारत में प्रमुख अस्पताल बनने की आकांक्षा रखते हुए निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ प्रातः भर्ती रोगियों को पोषण पैक व शुभकामना कार्ड के वितरण के साथ शुरू होगा। इस अवसर को मनाने के लिए, हर साल की तरह, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग द्वारा एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा सुंदर हरे-भरे माहौल को और बेहतर बनाने के लिए एसजीपीजीआई परिसर में पौधे लगाए जाएंगे। स्थापना दिवस समारोह अपने आप में उत्सवपूर्ण भी होगा और सार्थक भी।


उन्होंने बताया है कि मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। कैबिनेट मंत्री चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण, ब्रजेश पाठक व राज्य मंत्री, मयंकेश्वर शरण सिंह, उत्तर प्रदेश भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर आर के धीमन सम्मानित सभा को संबोधित करेंगे।
गीतम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, विशाखापत्तनम की प्रो वाइस चांसलर डॉ गीतांजलि बैटमैनबाने स्थापना दिवस का अभिभाषण देंगी। इस मौके पर शोध दिवस पर प्रस्तुत शोध कार्यों के आधार पर सर्वश्रेष्ठ शोध पत्रों के लिए पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इस अवसर पर संस्थान के सर्वश्रेष्ठ तकनीशियन, सर्वश्रेष्ठ नर्सिंग ऑफिसर, सर्वश्रेष्ठ सीनियर नर्सिंग ऑफिसर, सर्वश्रेष्ठ एमडी छात्र, सर्वश्रेष्ठ एमसीएच और सर्वश्रेष्ठ डीएम छात्रों को भी पुरस्कृत किया जायेगा।
