-विशिष्ट सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम में सिखाये गये सुरक्षा और संकटकाल में मजबूत प्रबंधन के गुर
सेहत टाइम्स
लखनऊ। ”सुरक्षा और संकट प्रबंधन का प्रशिक्षण कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित विशिष्ट सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से PRD अधिकारियों को आधुनिक सुरक्षा तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होता है, आरआरयू की इस पहल का उद्देश्य है कि पीआरडी अधिकारी वास्तविक परिस्थितियों में अधिक दक्षता और कुशलता के साथ कार्य कर सकें”।
यह बात राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (RRU), लखनऊ परिसर में आज 21 मार्च को आयोजित प्रांतीय रक्षक दल (PRD), उत्तर प्रदेश के लिए एक विशिष्ट सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर की परिसर निदेशक (कार्यवाहक) मंजरी चंद्रा ने ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के महत्व और प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कही। उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सुरक्षा शिक्षा और व्यावसायिक कौशल विकास के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है। व्यावहारिक शिक्षा पर विशेष बल देने वाली यह पहल न केवल सुरक्षा कर्मियों की दक्षता को सुदृढ़ करती है, बल्कि संकट प्रबंधन और संचालन क्षमता में भी महत्वपूर्ण सुधार सुनिश्चित करती है।


सफलतापूर्वक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 109 PRD अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य PRD अधिकारियों की सुरक्षा तत्परता और संकट प्रबंधन क्षमताओं को सुदृढ़ करना था, ताकि उन्हें समकालीन सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान किया जा सके।
प्रशिक्षण में सुव्यवस्थित और गहन सत्रों का आयोजन किया गया, जिनका संचालन विषय विशेषज्ञों द्वारा किया गया। डाइरेक्टर एसआईएसएसपी भवानीसिंह राठौर ने भीड़ प्रबंधन पर सत्र का नेतृत्व किया, जबकि अंशिका ने अग्नि सुरक्षा उपायों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। विजय ने भवन सुरक्षा पर चर्चा का संचालन किया, वहीं आशीष और शिवम पांडेय ने संयुक्त रूप से CCTV निगरानी और संचालन पर एक व्यापक सत्र आयोजित किया।
इसके अतिरिक्त, लखनऊ अग्नि सुरक्षा विभाग द्वारा लाइव फायर सेफ्टी ड्रिल का आयोजन किया गया, जिससे प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव और हाथों-हाथ प्रशिक्षण का अवसर प्राप्त हुआ।
