17 से 44 वर्ष की आयु के लोगों की मौत का पहला कारण है सड़क दुर्घटना

-वाहन चलाते समय हमेशा अपने अन्दर के सारथी (दिमाग) को जगाये रखें

-सड़क दुर्घटना के चलते भारत में होता है  3 प्रतिशत जीडीपी का नुकसान

-‘नेशनल रोड सेफ्टी मंथ’ के अवसर पर केजीएमयू में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। 17 से 44 साल की आयु के लोगों की मौत का प्रथम कारण दुर्घटना है। ट्रॉमा के चलते होने वाली एक मौत से 40  जिन्‍दगियों का नुकसान होता है। चेचक, पोलियो और टीबी के खात्‍मे के लिए बनायी गयी योजनाओं की तरह दुर्घटना से कोई भी मौत न होने का लक्ष्‍य प्राप्‍त करने की कोशिश करने की जरूरत है।

यह विचार किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में पैरा मेडिकल विज्ञान संकाय द्वारा छात्रों को ‘नेशनल रोड सेफ्टी मंथ’ के अवसर पर कलाम सेंटर में सड़क पर वाहन चलाने सबंधी नियमों की जानकारी एवं जागरूक करने के सबंध कार्यक्रम में अधिष्ठाता, पैरा मेडिकल विज्ञान संकाय प्रो विनोद जैन ने व्‍यक्‍त किये। उन्‍होंने छात्र -छात्राओं को रोड सेफ्टी के बारे में जागरूक किये जाने पर जोर देते हुए कहा कि रोज होने वाली दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों में सबसे बड़ा दायरा रोड दुर्घटनाओं का है जिसका मुख्य कारण लापरवाही से वाहन चलाना, वाहन चलाते समय ट्रैफिक नियमों की अनदेखी, हेलमेट न लगाना, सीट बेल्ट न लगाना, नशे में वाहन चलाना आदि है।

प्रो विनोद जैन ने कहा कि सड़क दुर्घटना के चलते भारत में 3 प्रतिशत जीडीपी का नुकसान होता है। ट्रॉमा से बचने के लिए इसकी शिक्षा देकर हम अपने देश की तरक्‍की में मदद कर सकते हैं। उन्‍होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्रों से अपील की वे भी समाज में लोगों को ट्रैफिक नियमों की जानकारी दें एवं रोड सेफ्टी के प्रति आम जन मानस में जागरूकता का प्रसार करें। उन्होंने कहा कि सड़क पर सेफ्टी रूल्स का पालन कर के भी हम सब देश के विकास में सहयोगी बन सकते हैं।  

इससे पूर्व कार्यक्रम का आरम्‍भ मुख्य अतिथि इंस्पेक्टर ,टेलिकॉम डिपार्टमेंट,उत्तर प्रदेश पुलिस के इंस्‍पेक्‍टर विजय अग्निहोत्री द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। विजय अग्निहोत्री ने अपने व्‍याख्‍यान में छात्र–छात्राओं को रोड सेफ्टी के बारे में विस्तृत रूप से बताया, उन्होंने कहा कि वाहन चलाते समय हमेशा अपने अन्दर के सारथी (दिमाग) को जगाये रखें। उन्‍होंने कहा कि दिमाग को इधर-उधर चलाने से ध्‍यान भटकता है, जिससे दुर्घटना की स्थितियां पैदा हो जाती हैं। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों जैसे ट्रैफिक रूल्स न मानना, लापरवाही से गाड़ी चलाना, गलत तरीके से वाहन ओवर टेक करना, नशे का सेवन कर वाहन चलाना, वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना आदि से अवगत कराया। बड़े मार्गों पर चलने के तरीकों, चालान के नियम, एवं मोटर परिवहन एक्ट 2019 में हुए परिवर्तनों से भी अवगत कराया। मुख्य अतिथि ने छात्रों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का सुसंगत जवाब दिया। प्रो विनोद जैन ने उन्‍हें स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र दिया गया।

कार्यक्रम में पैरा मेडिकल विज्ञान संकाय, सहा0अधिष्ठाता, प्रो अतिन सिंघई, पैरा मेडिकल विज्ञान संकाय प्रोफे0अनित परिहार, एवं ट्रॉमा सर्जरी विभाग के डॉ0 समीर मिश्र मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन शिवांगी श्रीवास्तव द्वारा किया गया।