
लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जहां पूरा विश्व योग करने को तैयार है वहीं कुछ लोगों के मन में कुछ प्रश्न भी हैं कि वे योग कर सकते हैं या नहीं। इन्हीं में एक वर्ग है गर्भवती महिलाएं।
इस विषय पर सेहत टाइम्स ने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्व विद्यालय केजीएमयू से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ रमा बाई रैली स्थल पर योग करने के लिए जाने वाली टीम को योगाभ्यास कराने वाले तथा केजीएमयू की योग इकाई के इंचार्ज डॉ दिवाकर दलेला से पूछा तो उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाएं योग कर सकती हैं लेकिन उन्हें सभी तरह के आसन नहीं करने चाहिये। विशेषकर वे आसन जिनमें पेट दबता है या फिर उस पर जोर पड़ता है।
डॉ दलेला ने कहा कि गर्भावस्था के दौरान विशेषकर गर्भ के चौथे माह से विशेष सावधानियां बरतनी चाहिये। उन्होंने बताया कि योग के दौरान अनुलोम-विलोम, गर्दन घुमाने वाले आसन, कंधे घुमाने वाले आसन कर सकती हैं। जबकि घुटना संचालन करने वाले आसन, शशांक आसन, हल आसन, शलभ आसन, हाथ से अपने पैर छूने वाला आसन, पवन मुक्त आसन जिनमें पेट पर जोर पड़ रहा हो, वे आसन कतई नहीं करने चाहिये।
उन्होंने बताया कि आम आदमी हो या गर्भवती स्त्री सभी को ध्यान रखना चाहिये कि वे किसी जानकार व्यक्ति से सीखने के बाद अथवा उसकी देखरेख में ही योग करें। क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि जिन्हें हम बहुत आसान और छोटी-छोटी बातें समझ कर नजरंदाज कर जाते हैं वे ही गल्तियां नुकसान का कारण बन जाती हैं।
