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NBRI की उपलब्धि : किडनी की पथरी को खत्‍म करेगी मात्र एक रुपये की हर्बल गोली

ट्रायल की अनुमति मिलते ही केजीएमयू से होगी शुरुआत

लखनऊ। किडनी और यूरीनरी ट्रैक्‍ट में होने वाली पथरी से पीड़ित लोगों के लिए खुशखबरी है, लखनऊ स्थित नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ बॉटनिकल रिसर्च (एनबीआरआई) ने ऐसी हर्बल दवा बनाई है, जो किडनी और यूरिनरी ट्रैक्ट की पथरी का साइज घटाकर उसे नष्ट कर देगी। मात्र पांच औषधियों को मिलाकर बनायी गयी है इसीलिए इस हर्बल दवा की कीमत भी मात्र एक रुपये प्रति गोली होगी। ट्रायल की अनुमति मिलते ही इसे किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय को मरीजों पर ट्रायल के लिए सौंप दिया जायेगा।

 

इस नयी खोज के बारे में संस्थान के निदेशक प्रफेसर एसके बारिक ने बताया कि आम तौर पर ऐलोपैथिक और आयुर्वेदिक दवाओं में 18-20 तरह के फॉर्म्युलेशन होते हैं, लेकिन यह हर्बल दवा पांच सुलभ औषधियों से मिलाकर बनाई गई है। इस कारण इसकी कीमत एक रुपये प्रति गोली होगी।

बताया गया है कि आमतौर पर छोटे आकार की पथरी खुद मूत्र मार्ग से निकल जाती है, लेकिन 6 एमएम या इससे बड़ी साइज की पथरी के लिए सर्जरी करनी पड़ती है। दवा को दिन में दो बार लेने पर पथरी का साइज घटाने में तकरीबन दस दिन का समय लगेगा।

 

फार्माकोग्नॉसी विभाग की डॉ. अंकिता मिश्रा के अनुसार अक्सर पथरी किडनी या यूरिनरी ट्रैक्ट की सेल से चिपक जाती है। इससे घाव पैदा करती है। उन्होंने बताया कि यह दवा पथरी को इस आकार में बदल देगी ताकि यह शरीर की अंदरूनी लाइनिंग से न चिपके। यह दवा पथरी निकालने के लिए हुई सर्जरी से क्षतिग्रस्त कॉर्टियल टिश्यू को भी दुरुस्त करती है। जो महिलाएं यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) की समस्या से पीड़ित हैं, वे भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगी।

 

इस नयी दवा की सेफ्टी और टॉक्सीसिटी की जांच आईआईटीआर से डॉ. विकास और डॉ. हफीस ने की है। एनबीआरआई के फार्माकोग्नॉसी विभाग के प्रिंसिपल साइंटिस्ट शरद श्रीवास्तव के अनुसार इस दवा के ह्यूमन ट्रायल के लिए ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलने के बाद केजीएमयू के यूरॉलजी विभाग के डॉ. एसएस संखवार और डॉ. सलिल टंडन इसका ह्यूमन ट्रायल करेंगे।