Friday , December 10 2021

पूर्ण मनोभाव से नर्सें कर रही काम, फि‍र भी न तो पूरा ‘दाम’, न पदनाम

-केजीएमयू की नर्सों ने भी मनाया अंतर्राष्‍ट्रीय नर्सेज दिवस

 सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। आज अन्तर्राष्ट्रीय नर्सेज दिवस के अवसर पर राजकीय नर्सेज संघ केजीएमयू द्धारा मॉडर्न नर्सिग की जनक फ़्लोरेंस नाइटिंगल का 201वां जन्म दिवस सोशल डिस्टेन्सिंग के साथ मनाया गया। इस मौके पर नर्सों ने फ्रीज किये हुए भत्‍ते देने और पदनाम को बदलने की मांग  को पूरा करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम की शुरुआत उप नर्सिग अधीक्षक साधना मिश्रा द्धारा दीप प्रज्ज्वलित कर माल्यार्पण के साथ की गयी, सभी को फ़्लोरेंस नाइटिंगल शपथ दिलाकर उनके आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित किया गया, केजीएमयू अध्यक्ष मंजीत कौर द्धारा लेडी विथ द लैम्प के जीवन पर प्रकाश डालते हुये उनकी सेवा और संघर्षों के बारे मे बताया गया, संघ की कोषाध्यक्ष रेनू पटेल द्धारा नर्सेज हित में संगठन द्धारा किये जा रहे कार्यों व प्रयासों के बारे मे चर्चा की गयी, संयुक्त सचिव श्वेताम्बरी भारती ने सभी को एकजुट रहकर जन सेवा करने के लिए सभी को प्रेरित किया गया, सहायक नर्सिग अधीक्षक पैन्जी जॉन ने नर्सिग सेवा को यीशु का आदेश मानकर सभी को नि:स्वार्थ रूप से सेवा के लिए आवाहन किया गया, इस मौक़े पर समस्त सहायक नर्सिग अधीक्षक सहित लिनेन इंचार्ज उर्मिला सिंह, कुमकुम सिंह, कात्यायनी, कनक आदि नर्सेज सहित आफिस स्टाफ मौजूद रहा।

कार्यक्रम का समापन राजकीय नर्सेज संघ के सचिव सत्येन्द्र कुमार द्धारा कोविड19# के कठिन दौर मे नर्सेज योद्धाओं की सराहना करते हुये किया गया, सत्येन्द्र द्धारा नर्सेज को फ्रन्टलाइन कोरोना वारियर्स के रूप मे परिभाषित करते हुये उनके किये जा रहे त्याग व समर्पण पर आभार व्यक्त करते हुये देश हित मे अपना योगदान देते हुये हर मोर्चे पर डटे रहने के लिए प्रेरित किया गया।

उनके द्धारा कोरोना वारियर्स के भत्तों को फ़्रीज़ कारने पर निराशा व्यक्त की गयी, उन्होंने कहा सरकार इस तरह से हेल्थ हीरोज़ को हतोत्साहित कर रही है, हम इस समय सरकार से सिर्फ सुरक्षा उपकरणों के अलावा कोई अतिरिक्त मांग नहीं कर रहे हैं, पर सरकार कभी भत्ते काटकर तो कभी डी०ए० फ़्रीज़ कर हम कोरोना वारियर्स के मनोबल को गिरा रही है, मैं इस कठिन समय मे मुख्य मन्त्री उ०प्र० शासन से नर्सेज के पदनाम को परिवर्तित करने की मांग को पूरी करने का आग्रह करता हूं जो केन्द्र सरकार पूर्व में कर चुकी है पर राज्य सरकार द्वारा कोई शासनादेश जारी नहीं किया है।

उन्‍होंने प्रदेश सरकार से निवेदन किया कि वह भी नर्सेज के सम्मान मे स्टाफ नर्स को नर्सिंग आफिसर व सिस्टर को सीनियर नर्सिंग आफिसर में परिवर्तित कर जल्द शासनादेश लागू करे, जिससे इस कठिन दौर मे नर्सेज का  मनोबल ऊंचा रहे, और इससे कोई वित्तीय भार भी नही पड़ेगा।