सिर्फ इलाज ही नहीं, बीमारी से बचने का भी इंतजाम है मेदांता अस्‍पताल में

-एक्जीक्यूटिव हेल्थ चेक-अप सेंटर का उद्घाटन
-अल्‍प समय में हासिल कीं उपलब्धियां बतायीं

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दो माह पूर्व खुले मेदांता अस्पताल में बीमारियों का इलाज तो हो ही रहा है, बीमारियों से बचने के लिए जांच के साथ सलाह देने के लिए भी अत्‍याधुनिक सुविधाओं से युक्‍त सेंटर की शुरुआत की गयी है। शनिवार को इसका उद्घाटन अस्‍पताल के निदेशक डॉ राकेश कपूर ने किया। इससे पूर्व डॉ कपूर ने आयोजित पत्रकार वार्ता में अस्‍पताल में अल्‍प समय में हासिल की गयी उपलब्धियों की भी जानकारी दी। उन्‍होंने उत्‍तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर पीपीपी मॉडल पर कार्य करने की इच्‍छा भी जतायी।

डॉ कपूर ने अस्‍पताल में उपलब्‍ध सुविधाओं के साथ ही न्‍यूरो, हार्ट के उपचारित किये गये जटिल केस के बारे में जानकारी देते हुए ऐसे मरीजों एवं उनके परिजनों से पत्रकारों को रूबरू कराया।। उन्होंने यह भी बताया कि सिर्फ दो महीने की अवधि में मेदांता के डॉक्टरों की टीम ने 200 से भी ज्यादा जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक किया है।

देखें वीडियो- मेदांता हेल्‍थ चेकअप सेेंटर की जानकारी दी गयी

 

डॉ कपूर ने मेदांता अस्पताल, एक्जीक्यूटिव हेल्थ चेक-अप सेंटर का उद्घाटन भी किया गया, उन्‍होंने बताया कि यह प्रिवेंटिव हेल्थ के तहत लोगों को एक्जीक्यूटिव हेल्थ चेक-अप सेवाएं प्रदान करेगा। यह हेल्थ चेक-अप सेंटर लखनऊ का पहला ऐसा सेंटर है जो मरीजों को होने वाली बीमारियों का पूर्व पता लगाने व  उनका निदान करने में सक्षम होगा। इस सेट-अप में विभिन्न प्रकार की  बीमारियों का  पता लगाया जा सकता है। निदान किए गए मरीजों को 12 घंटे के अंदर रिपोर्ट दे दी जाएगी।

पत्रकार वार्ता के दौरान मेदांता अस्‍पताल के विशेषज्ञ भी उपस्थित थे, इनमें जीआई सर्जन डॉ. आनंद प्रकाश, कार्डियक सर्जन डॉ. आलोक गुप्ता, न्यूरो सर्जन डॉ. रविशंकर, डाइरेक्टर सीटीवीएस डॉ. गौरंगो मजूमदार, और मेडिकल डाइरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने पेल्विक फ्लोर रिपेयर सर्जरी, मेटास्टैटिक स्टमक कैंसर, सबरैचनोइड हेमरेज (जो कि जान के खतरे वाला एक स्ट्रोक है जो मस्तिष्क के आसपास रक्तस्राव के कारण होता है जो रोगी के मामले को जटिल एवं दुर्लभ बनाता है) और हार्ट बाईपास सर्जरी जैसी जटिल परिस्थितियों के बारे में बताया।