मुख की बीमारी और मुख से निकले शब्‍दों की बीमारी, दोनों खतरनाक

राष्ट्रीय मुख स्वच्छता दिवस के अवसर पर केजीएमयू में आयोजित समारोह में उप मुख्‍यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने किया सम्‍बोधित

लखनऊ। मुख की बीमारी और मुख से निकले शब्दों की बीमारी दोनों बेहद खतरनाक होती हैं। अगर अच्छे शब्द मुख से निकलें तो वह प्रेम भी स्थापित कर सकता है और अगर गलत शब्द मुख से निकलें तो विनाश की ओर भी ले जा सकते हैं इसलिए मुख का महत्व बोलने में भी है और स्वस्थ के लिए भी है।

यह बात उत्‍तर प्रदेश के उप मुख्‍यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने राष्ट्रीय मुख स्वच्छता दिवस के अवसर पर किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के पेरियोडोण्टोलॉजी विभाग एवं इंडियन सोसाइटी ऑफ पेरियोडॉण्टोलॉजी स्टडी ग्रुप, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में ब्राउन हॉल में आयोजित जन-जागरण अभियान के दौरान आयोजित समारोह का उद्घाटन करने के बाद मुख्‍य अतिथि के रूप में अपने सम्‍बोधन में कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता केजीएमयू के कुलपति प्रो0 एमएलबी भट्ट ने की।

डॉ शर्मा ने मुख के लिए गुटखा और तंबाकू पदार्थो को सबसे घातक बताते हुए मुख की सफाई एवं किसी भी प्रकार की समस्या होने पर विशेषज्ञों से जांच कराने पर जोर दिया।

उपमुख्यमंत्री ने विशेषज्ञता को हानिकारक बताते हुए कहा कि कुछ मामलों में समस्त चीजों का ज्ञान भी हानिकारक होता है क्योंकि कभी कभी विशेषज्ञ सामान्य बीमारी का इलाज नहीं करता है और कभी-कभी सामान्य ज्ञान और क्षमता से अधिक विशिष्ट रोगों के इलाज के लिए प्रयास करता है। यह दोनों ही स्थितियां मरीज के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं।

इसके साथ ही उन्होंने केजीएमयू के चिकित्सकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतने कम वेतन में इतने अधिक मरीजों की सेवा करने का कार्य सिर्फ यहां के चिकित्सकों में ही देखने को मिलता है। किसी भी चिकित्सक के लिए सेवा भाव प्राथमिकता होनी चाहिए न कि लाभ भाव, इस बात को यहां के चिकित्सकों ने साबित किया है।

इस अवसर पर अधिष्ठाता, दंत संकाय डॉ शादाब मोहम्मद ने मुख स्वच्छता के बारे में बताया कि मुख को स्वस्थ रखने से पूरा शरीर स्वस्थ रहता है। मुख के स्वच्छ न रहने से तमाम बीमारियां हो सकती हैं, जैसे निमोनिया, हृदय रोग आदि। उन्होंने सुबह और रात को खाने के बाद ब्रश जरूर करने की सलाह दी।

कार्यक्रम में पेरियोडोण्टोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ नंदलाल ने विगत छह माह में विभाग की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट पेश की। इस अवसर पर पेरियोडॉण्टोलॉजी विभाग के डॉ पवित्र रस्तोगी ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है तथा किसी भी राष्ट्र को महान एवं शक्तिशाली बनाने में वहां की सरकार और अर्थव्यवस्था के साथ ही उसके स्वस्थ नागरिकों का भी बहुत बड़ा योगदान होता है। उन्होंने बताया कि मुख स्वच्छ जरूरी है और अगर मुख स्वच्छ नहीं होगा तो शरीर के स्वस्थ रहने की संभावना काफी कम हो जाती है। उन्होंने नेशनल ओरल सर्वे का हवाला देते हुए बताया कि देश में केवल 63 फीसदी लोग ही टूथब्रश और टूथपेस्ट का इस्तेमाल करते हैं मतलब 37 फीसदी लोग टूथब्रश और टूथपेस्ट का इस्तेमाल नहीं करते है और कोई न कोई अन्य माध्यम का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने बताया कि तीस फीसदी से कम लोग ही नियमित जांच के लिए डेंटिस्ट के पास जाते है और 70 फीसदी लोग किसी न किसी प्रकार के दांत की समस्या से पीड़ित हैं।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री के द्वारा विभाग के कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो एसएन संखवार, डॉ अंजनी पाठक समेत तमाम चिकित्सक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।