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मेडिकल कॉलेजों में जरूरत है व्यापक सुधार की

गोरखपुर कांड की जांच करने वाली समिति की सिफारिश पर समितियां गठित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में व्यापक सुधार की आवश्यकता है, इसका पता पिछले दिनों गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई बच्चों की मौत की घटना के बाद तब चला जब जांच करने वाली मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी जांच को अंजाम दिया। समिति की सिफारिशों पर शासन ने समितियों का गठन किया है, इन समितियों को निर्धारित समय के अंदर कार्यवाही करनी है।

प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ केके गुप्ता की ओर दी गयी जानकारी में कहा गया है कि प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा कतिपय समितियों के गठन के आदेश निर्गत किये गये हैं, इनमें गठित पांच समितियों के बारे में उन्होंने बताया कि राजकीय मेडिकल कालेजों में चिकित्सकों/विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए परास्नातक स्तर पर कैम्पस साक्षात्कार के आधार पर भर्ती एवं सीनियर रेजीडेण्ट्स के वेतनमान/परिलब्धियां अन्य समकक्ष संस्थाओं में प्रदान किये जा रहे वेतनमान/परिलब्धियों से बेंचमार्क करते हुए निर्धारण सुनिश्चित कर सभी पदों को आगामी तीन माह में भरे जाने के सम्बन्ध में डा0 अब्बास अली मेंहदी, आचार्य एवं विभागाध्यक्ष, बायोकेमेस्ट्री विभाग, किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। समिति को दिनांक 10 अक्टूबर तक अपनी संस्तुति शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं।

 

डा. गुप्ता ने बताया कि राजकीय मेडिकल कालेजों में चिकित्सकों/विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए अनिवार्य शासकीय सेवा के लिए स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले छात्रों से निर्धारित अवधि के लिए बॉण्ड भराये जाने के सम्बन्ध में महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के0के0 गुप्ता की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। समिति को दिनांक 15 अक्टूबर तक अपनी संस्तुति शासन को उपलब्ध करानी है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन सभी राजकीय मेडिकल कालेजों तथा चिकित्सा संस्थानों के लिए एक चिकित्सा प्रबन्ध का प्रशासनिक कैडर सृजित करते हुए, मानव संसाधन, सामान्य प्रशासन, विधिक, वित्त तथा प्रोक्योरमेण्ट की इकाई को व्यवस्थित किये जाने हेतु डा0 हेम चन्द्र, चिकित्सा अधीक्षक एवं विभागाध्यक्ष, चिकित्सा प्रबन्धन, एसजीपीजीआई, लखनऊ की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। समिति को 15 दिसम्बर तक अपनी संस्तुति शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं।

डा. गुप्ता ने बताया कि इसके अलावा तकनीकी अन्तर्वेषण के अन्तर्गत सिक न्यू-बॉर्न केयर यूनिट (एस0एन0सी0यू0) न्यू0 बॉर्न इन्टेंसिव केयर यूनिट (एस0एन0सी0यू0) एवं पीडियाट्रिक्स इन्टेंसिव केयर यूनिट (पी0आई0सी0यू0) एवं स्टैण्डर्ड ऑपरेशन प्रोटोकॉल एवं चेक लिस्ट की व्यवस्था लागू किया जाने एवं इन्फेंक्शन प्रीवेन्शन प्रोटोकाल का नियमित अनुसार निर्धारित समिति द्वारा सुनिश्चित किये जाने हेतु डा0 माला कुमार, आचार्य, बाल रोग विभाग किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। समिति को 31 अक्टूबर तक अपनी संस्तुति शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। तकनीकी अन्तर्वेषण के अन्तर्गत मृत बच्चों को प्रोटोकाल के अनुसार डेथ आडिट कराये जाने के सम्बन्ध में डा. ए0के0 वर्मा, आचार्य एवं विभागाध्यक्ष, फोरेंसिक मेडिसिन विभाग, किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। समिति को 31 अक्टूबर तक अपनी संस्तुति शासन देनी है।

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