केजीएमयू के कुलपति डॉक्टरों-कर्मचारियों के साथ हुए साइकिल पर सवार
पर्यावरण की रक्षा के लिए केजीएमयू में चली मुहीम ‘नो कार-बुधवार’

लखनऊ। केजीएमयू में पर्यावरण को स्वच्छ बनाने और चिकित्सा परिसर में मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने अनोखी मुहीम छेड़ते हुए आज 19 सितंबर से किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए एवं चिकित्सा परिसर में मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने अनोखी मुहीम शुरू की है।
संस्थान के मीडिया प्रभारी ने बताया कि केजीएमयू ने अब नो कार-बुधवार नाम की इस मुहीम को शुरू किया है इसके तहत संस्थान के संकाय सदस्यों तथा अन्य कर्मचारियों सहित सभी लोगों ने कुलपति के आह्वान पर सप्ताह में एक दिन बुधवार को अपने वाहनों को संस्थान आने व जाने में प्रयोग करें।
इसी अभियान के तहत आज 19 सितंबर को कुलपति के नेतृत्व में विभिन्न संकायों के विभागाध्यक्षों ने केजीएमयू परिसर के कुलपति कार्यालय से लेकर पूरे परिसर में साइकिल रैली निकाली। इसके साथ ही इस अभियान के तहत केजीएमयू परिसर को प्रदूषण मुक्त करने के अपने संकल्प को पूरा करने के लिए कुलपति ने एक पत्र जारी कर सभी विभागाध्यक्ष, कर्मचारियों एवं स्टूडेंट्स से प्रत्येक बुधवार को वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करने की अपील की है।
इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि चिकित्सा परिसर मरीजों की चिकित्सा एवं छात्र-छात्राओं के शिक्षण एवं प्रशिक्षण की दृष्टि से अत्यंत ही संवेदनशील संस्थान है। उनहोंने कहा कि साइकिल के इस्तेमाल से वातावरण शुद्ध होता है एवं साइकिल चलाना स्वास्थ्य के लिए भी काफी लाभदायक है। उन्होंने कहा कि इस मुहीम के द्वारा केजीएमयू का यह प्रयास है परिसर में वाहनों का इस्तेमाल कम हो, जिससे पर्यावरण में सुधार के साथ ही यह संदेश समाज में भी जाए कि साइकिल के इस्तेमाल से स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा और प्रदूषण में भी कमी लाई जा सकती है।
कुलपति ने साइकिलिंग के फायदे बताते हुए आमजन को भी रोजाना साइकिल का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया।उन्होंने बताया कि सप्ताह में कम से कम 7 घंटे साईकिलिंग करने से स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और अगर ऐसा प्रतिदिन न कर सकें तो सप्ताह में दो या तीन दिन में साईकिलिंग कर के स्वस्थ रहा जा सकता है।

कुलपति ने वाईएमसीए की एक स्टडी का हवाला देते हुए बताया कि साईकिलिंग से स्वास्थ्य बेहतर तो होता ही है साथ ही इससे मानसिक खुशी भी मिलती है। उन्होंने साइकिल चलाने के फायदे बतातेहुए कहा कि साईकिलिंग से वजन कम करने में आसानी होती है, साथ ही मांसपेशियों में मजबूती आती है। साईकिलिंग से भूख ज्यादा लगती है और फेफड़े स्वस्थ्य रहते है।साईकिलिंग से अत्याधिक कैलोरी बर्न होती है, जिसकी वजह से दिल की बीमारी और कैंसर का खतरा कम हो जाता है और प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी होती है।
वहीं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसएन संखवार का कहना है कि हमारा पूरा प्रयास है कि वाहनों के कम से कम इस्तेमाल से चिकित्सा परिसर को प्रदूषण मुक्त करना है। इस दौरान रैली में हिस्सा ले रहें ट्रामा सर्जरी के विभागाध्यक्ष डाॅ0 संदीप तिवारी का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण एवं आमजनों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केजीएमयू में पहली बार इस तरह की पहल की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में कई और संस्थान इस तरह की पहलमें शामिल होंगे।
इस साइकिल रैली में मुख्य रूप से एनेस्थीसिया के विभागाध्यक्ष डॉ जीपी सिंह, इमरजेंसी मेडिसन के विभागाध्यक्ष डॉ हैदर अब्बास, डॉ सिद्धार्थ कुंवर समेत चिकित्सा विश्वविद्यालय के तमाम डॉक्टर्स एवं कर्मचारी शामिल हुए।

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