लोगों के रोग दूर करने वाला केजीएमयू खुद संक्रामक रोगों के मुहाने पर

सीएमओ के निर्देशानुसार गठित 40 टीमों ने विश्वविद्यालय के 11 स्थानों पर पाई खामियां

17 नोटिसें जारी, ट्रॉमा सेंटर की कैंटीन में मिले मच्छर के लार्वा

लखनऊ। सब को रोग मुक्त करने वाला किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय खुद रोगों के मुहाने पर बैठा हुआ है। रोग भी ऐसे, जो एक से दूसरे को होने में समय नहीं लगाते यानी संक्रामक रोग। केजीएमयू की यह स्थिति आज तब उजागर हुई जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशानुसार नगर मलेरिया इकाई एवं जिला मलेरिया इकाई के सहायक मलेरिया अधिकारी मलेरिया निरीक्षकों की 40 टीमों ने केजीएमयू के 11 स्थानों पर निरीक्षण किया, इन स्थानों में मरीजों के वार्ड से लेकर आला अधिकारियों के बैठने की जगह प्रशासनिक भवन तक शामिल है।

सीएमओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार डेंगू एवं अन्य संचारी रोगों के मद्देनजर टीम ने निरीक्षण के बाद चिन्हित किए गए 11 स्थानों पर समुचित सफाई व्यवस्था का अभाव मिला। इन स्थानों पर लार्वा की जांच, साफ-सफाई की जांच, ठहरे हुए पानी की जांच, 96 कूलरों की जांच की गई तथा खामियां पाए जाने पर 17 नोटिसें जारी की गयीं, साथ ही चेतावनी भी दी गई कि अगर दोबारा जांच में इन स्थानों पर फिर से खामियां मिलीं तो शासन के गजट नोटिफिकेशन के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। टीम ने इन सभी स्थानों पर एंटी लार्वा का छिड़काव किया तथा पोस्टर आदि के माध्यम से मौजूदा लोगों को जानकारी प्रदान की।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (वेक्टर बॉर्न) के पी त्रिपाठी के नेतृत्व में 40 टीमों ने आज सुबह केजीएमयू पहुंचकर एक साथ विभिन्न स्थानों पर जांच की कार्रवाई शुरू की, इनमें जिन स्थानों पर खामियां मिलीं, उनमें प्रशासनिक भवन, पोस्टमार्टम हाउस, आवासीय भवन, केजीएमयू पुलिस चौकी, सर्जिकल वार्ड, गांधी वार्ड, बाल रोग विभाग, ट्रॉमा सेंटर कैंटीन, लारी कार्डियोलॉजी, मानसिक रोग विभाग तथा क्वीन मैरी हॉस्पिटल शामिल है। ट्रॉमा सेंटर की कैंटीन में तो मच्छर के लार्वा भी मिले।

आपको बता दें कि पिछले वर्ष भी केजीएमयू के विभिन्‍न स्‍थानों से मच्‍छर के लार्वा पाये गये थे। इसके बावजूद इस साल समय पर सफाई नहीं की गयी।