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मानव होना भाग्‍य की बात जबकि चिकित्‍सक होना सौभाग्‍य : सुरेश खन्‍ना

लोहिया संस्‍थान में शटल बस सेवा, माल्‍डी टॉफ व नेविगेटर मशीनों का उद्घाटन  

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो                                         

लखनऊ। मानव होना भाग्य और चिकित्सक होना सौभाग्य है, चिकित्सक को समाज में ईश्वर के रूप में देखा जाता है जो सेवा का कार्य करता है, इतिहास में उसका नाम लिया जाता है।

यह बात प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने आज शुक्रवार को लोहिया संस्थान में आयोजित समारोह में कही। श्री खन्‍ना लोहिया संस्थान द्वारा आज संस्थान परिसर से रामप्रकाश गुप्ता मातृ एवं शिशु रेफरल चिकित्सालय के लिए शटल बस सेवा, माइक्रोबायोलॉजी विभाग में ब्‍लड-स्‍पुटम की कल्‍चर जांच एक घंटे में करने वाला माल्‍डी टॉफ तथा आर्थोपेडिक विभाग में नेविगेटर फॉर नी रिप्लेसमेंट उपकरणों के उद्घाटन करने के बाद सम्‍बोधित कर रहे थे।

एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों को संबोधित करते हुए सुरेश खन्ना ने कहा एक चिकित्सक के अंदर संवेदनशीलता, परोपकार एवं सेवा भावना होनी चाहिए। मनुष्य देखना तो चाहता है सही, पर अंदर से बदलना नहीं चाहता, बदल जाएंगे तो उनको देखने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कर्म हमारे हाथ में हैं, यह निश्‍चय करना है कि हम क्या करना चाहते हैं, क्योंकि हमारी उम्र से ज्यादा हमारी ख्‍याति की उम्र है।

इस मौके पर उपस्थित प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ रजनीश दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि संस्थान की चिकित्सा शिक्षा पद्धति है संस्कार की, संवेदना की, परोपकार की, और इस पद्धति में प्रति व्यक्ति का इलाज करना है। उन्होंने संस्थान की उपलब्धियों की सराहना करते हुए शासन की तरफ से पूरा सहयोग देने की बात कही। इस मौके पर संस्थान के निदेशक प्रोफेसर एके त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें आशा है कि मंत्री जी संस्थान की उन्नति के लिए अपेक्षित महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की पूर्ति करेंगे।

कार्यक्रम में संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर पीएस सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया कार्यक्रम का संचालन पूनम तिवारी द्वारा किया गया इस मौके पर संस्थान के एलजी की 20 स्टार प्रोफेसर राजेंद्र भटनागर सहित अन्य फैकल्टी छात्र एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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