बलरामपुर अस्पताल में आधुनिक अग्निशमन संरचना के लोकार्पण में गए थे मंत्री
लखनऊ. उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा है कि ऐसा कोई आवश्यक नहीं है कि समारोह में दीप प्रज्ज्वलन जरूर किया जाये, जिन स्थानों पर फायर अलार्म सिस्टम लगा हो वहां पर समारोह के दौरान दीप प्रज्ज्वलन का कार्यक्रम नहीं किया जाना चाहिए. इसकी वजह यह है कि दीप प्रज्ज्वलन के समय अलार्म सिस्टम बंद करना पड़ता है, क्योंकि दीपक जलाने से सेंसटिव अलार्म तुरंत बज उठेगा. उन्होंने कहा कि किसी भी समय अलार्म बंद करने का जोखिम उठाना उचित नहीं है, क्योंकि हादसा कभी भी हो सकता है.
स्वास्थ्य मंत्री ने यह बात यहाँ बलरामपुर अस्पताल में आधुनिक अग्निशमन संरचना के लोकार्पण के मौके पर आयोजित समारोह में अपने संबोधन में कही. उन्होंने कहा कि मुझसे अभी जब दीप प्रज्ज्वलन के लिए कहा गया तो मैंने पूछा कि दीपक जलाया जायेगा तो फायर सेफ्टी अलार्म बजने लगेगा तो मुझसे बताया गया कि अलार्म ऑफ कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि मेरा मानना यह है कि फायर सेफ्टी सिस्टम वाली जगहों पर आयोजित होने वाले समारोह में दीपक जलाने की कोई जरूरत नहीं है, बिना दीप जलाए भी भगवान का स्मरण किया जा सकता है, वैसे भी कहा गया है कि कर्म ही पूजा है. उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि आप लोग बस मरीज का इलाज कर सेवा करिए, यही सबसे बड़ी पूजा है.
ज्ञात हो 20 फरवरी, 2014 को आधुनिक अग्निशमन व्यवस्था के लिए यहाँ तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शिलान्यास किया था. इसके लिए अस्पताल को 495.94 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी थी. इस नयी व्यवस्था के बाद आग लगने की स्थिति में शीघ्रातिशीघ्र आग पर काबू पाया जा सकेगा.
इसके अलावा यहाँ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा अपने सांसद रहते हुए 26 मार्च, 1995 को शिलान्यास एवं 7 दिसंबर 1995 को लोकार्पण किये हुए रेनबसेरे का जीर्णोद्धार कराने के बाद आज ही उसका फिर से लोकार्पण भी स्वास्थ्य मंत्री द्वारा किया गया. तीमारदारों के लिए बने इस रैनबसेरे में 36 बेड हैं, साथ ही गद्दे, कम्बल की सुविधा उपलब्ध है.
