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सीसीएल रूल 1972 को केंद्र की तरह संशोधित करे उत्‍तर प्रदेश सरकार

-संशोधन के बाद चाइल्‍ड केयर लीव सहित अन्‍य सुविधायें मिल सकेंगी 
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सरकार से की मांग
                   प्रतीकात्मक फोटो

 

लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों के आधार पर केंद्र सरकार द्वारा सीसीएस रूल 1972 में हुए संशोधन को प्रदेश में भी लागू करने की मांग की है। इसके अनुसार अकेले होने की स्थिति में अपने बच्चे की देखभाल करने के लिए चाइल्ड केयर लीव सहित कई अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी।

परिषद के महामंत्री अतुल मिश्रा ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों द्वारा अर्जित अवकाश अथवा चिकित्सीय अवकाश लिए जाने पर उसके मध्य पड़ने वाले रविवार एवं अन्य राजपत्रित अवकाशों की गणना उस अवकाश में की जाती है जिसे केंद्र सरकार ने संशोधित कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियां लागू है, इसलिए संशोधन के अनुसार नियम 45सी चाइल्ड केयर लीव में हुए संशोधन के अनुसार अकेला पुरुष, विधुर या तलाकशुदा पुरुष को बच्चों के देखभाल के लिए चाइल्ड केयर लीव दिए जाने का प्रावधान किया गया है।  इसके साथ ही नियम 44 और 45 में हॉस्पिटल लीव को समाप्त करते हुए स्पेशल डिसेबिलिटी लीव (WRIIL) को स्थापित किया गया है जिसमे राजकीय कार्य मे दुर्घटना होने पर यह अवकाश मिलेगा । इसके तहत अस्पताल में भर्ती रहने तक पूरा वेतन भत्ता मिलेगा उसके बाद 6 माह तक आधा वेतन जिसे अवकाशों के अनुसार पूरे वेतन में परिवर्तित किया जाएगा , मिलेगा । साथ ही दुर्घटनाग्रस्त कर्मचारी को सहायता राशि भी दी जाएगी।

परिषद के प्रमुख उपाध्यक्ष सुनील यादव ने कह कि प्रदेश के कर्मचारियों को ये सुविधाएं प्रदान की जाएं जिससे कर्मचारी पूरे मनोयोग से राजकीय कार्यो का संपादन कर सके । उन्होंने कहा कि नियम 298 और 29 में संसोधन कर छुटियों वाले विभाग में अध्यापक आदि को आधा वेतन अवकाश की जगह अर्जित अवकाश दिए जाने का प्राविधान किया गया है, जिसे प्रदेश में भी लागू किया जाना न्यायोचित होगा।

ज्ञात हो कि भारत सरकार ने सी सी एस रूल 72 में वेतन समिति की संस्तुतियों के अनुरूप दिसम्बर 2018 में संशोधन कर दिया है जिसे 14 दिसम्बर से लागू किया जा चुका है । कुछ विभागों द्वारा उसमें स्पष्टीकरण मांगा गया था जिसे जारी कर दिया गया है ।