खुशखबरी : बढ़ते रोगों के समाधान, बतायेगा पारम्‍परिक चिकित्‍सा विज्ञान

हिमाचल के पारम्‍परिक चिकित्‍सा विशेषज्ञ वैद्य राजेश कपूर देंगे महत्‍वपूर्ण जानकारियां

लखनऊ। मनुष्‍य को होने वाली स्‍वास्‍थ्‍य की वे समस्‍यायें जिनके उपचार में आधुनिक चिकित्‍सा यानी ऐलोपैथी चिकित्‍सा अभी तक सफलता प्राप्‍त नहीं कर सकी है, लेकिन ऐसी भारतीय परम्पराओं से स्वास्थ्य समस्यायों के सरल समाधान मौजूद हैं, उन अमूल्य उपायों को जानने, समझने, अपनाने के लिए एक महत्‍वपूर्ण कार्यशाला आगामी 5 नवम्‍बर को यहां निराला नगर स्थित रामकृष्‍ण मठ के सभागार में आयोजित की जा रही है। इस कार्यशाला का विषय भारतीय परम्पराओं से स्वास्थ्य समस्यायों के सरल समाधान है। कार्यशाला में असाध्‍य एवं नये-नये रोगों से निपटने के बारे में जानकारी हिमाचल की वादियों में रहने वाले सुप्रसिद्ध पारंपरिक चिकित्सक तथा सेवा शिक्षण संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष वैद्य राजेश कपूर देंगे।

यह जानकारी देते हुए आयोजकों द्वारा बताया गया है कि यूं तो आधुनिक चिकित्‍सा विज्ञान के क्षेत्र में अनेक अनुसंधान हुए हैं और उनमें कई बीमारियों का समाधान मिल गया है, जबकि अनेक ऐसी बीमारियां हैं जिनका समाधान अभी नहीं मिल सका है, उपचार के नाम पर इन बीमारियों को सिर्फ मैनेज ही किया जाता है।  इन सबके बीच सुखद समाचार यह है कि इन असाध्‍य एवं नये बढ़ते रोगों के समाधान पारंपरिक चिकित्सा विज्ञान में तलाशने के अनेक सफल प्रयास हुए हैं। इन समाधानों की महत्‍वपूर्ण जानकारी देने के लिए हिमाचल प्रदेश के रहने वाले वैद्य राजेश कपूर 5 नवम्‍बर को उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आ रहे हैं। वे यहां निराला नगर स्थित रामकृष्‍ण मठ के सभागार में आयोजित कार्यशाला में अनेक वरिष्ठ नागरिक, चिकित्सक,वैज्ञानिक,शोधार्थी, विद्यार्थियों को सम्‍बोधित करेंगे। यह आयोजन निशुल्क रखा गया है।

ज्ञात हो आधुनिक युग में रोग असाधारण रूप से बढ़े हैं। आश्चर्य यह है कि विज्ञान के विकास व आधुनिकता के साथ घटने के स्थान पर रोगों व रोगियों की संख्या तथा जटिलता बढ़ती ही जा रही है। यानी चिकित्सक, चिकित्सालय तो खूब बढ़ रहे हैं पर रोगों को रोकने में आधुनिक विज्ञान (चन्द अपवाद छोड़कर) असफ़ल रहा है। विडंबना यह है कि रोगों के वास्तविक कारणों को समझकर उन कारणों को दूर करने का प्रयास नहीं किया जा रहा। स्थति यह है कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान रोगों के सामने असहाय, विवश खड़ा नजर आ रहा है।

कार्यशाला में ‘वैद्य राजेश कपूर’ अपने 40 वर्षों के अनुभव इस विषय पर बताएंगे और सिखाएंगे। अनेक विशेष प्रयोग भी करके दिखाए जाएंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामकृष्‍ण मठ के अध्‍यक्ष स्‍वामी मुक्तिनाथानंद करेंगे। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में केजीएमयू के कुलपति डॉ. एम.एल.बी. भट्ट रहेंगे।