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वित्‍तविहीन शिक्षकों को भी दें आर्थिक मदद, या गठित करें पृथक राहत कोष

-आदेश के चलते विद्यायल प्रबंधन फीस ले नहीं पा रहे, वेतन अभी दे नहीं पा रहे

–खामियाजा भुगत रहा है 90 प्रतिशत शिक्षा संचालन सम्‍भालने वाला शिक्षक

डॉ महेन्‍द्र नाथ राय

लखनऊ। कोरोना जैसी महामारी से इस समय पूरा भारत व्यथित है। कोरोना काल में वित्‍तविहीन शिक्षकों की स्थिति अत्‍यंत दयनीय है, इन्‍हें सरकार से सहायता मिली नहीं है, तीन माह की फीस न लेने के सरकार के आदेश के बाद आर्थिक स्थिति अच्‍छी न होने के कारण प्रबंधन भी शिक्षक का वेतन नहीं दे पा रहे हैं, उनका वेतन कब मिल पायेगा, यह निश्चित नहीं है, मेरी सरकार से अपील है कि इन शिक्षकों के खाते में कम से कम पांच-पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाये, अगर सरकार ऐसा नहीं कर सकती है तो वित्‍तविहीन शिक्षकों के लिए पृथक से राहत रोष का गठन करे ताकि दूसरे शिक्षक व अन्‍य लोग इस फंड में दान देकर इन शिक्षकों की मदद कर सकें।

यह अपील उत्‍तर प्रदेश माध्‍यमिक शिक्षक संघ चंदेल गुट के प्रदेशीय मंत्री, कालीचरन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य व लखनऊ खंड शिक्षक एमएलसी प्रत्‍याशी डॉ महेन्‍द्र नाथ राय ने की है। उन्‍होंने कहा है कि संकट की इस घड़ी में गरीबों को तीन माह का राशन, सिलिंडर, नकद धनराशि जैसे कदम उठाये गये हैं, उत्‍तर प्रदेश सरकार द्वारा गरीब मजदूरों को भी ₹1000 प्रतिमाह सहयोग राशि प्रदान की जा रही है,ऐसे में वित्तविहीन शिक्षक जो अत्यंत ही विपरीत परिस्थितियों में पूरी तन्मयता के साथ कार्य करते हुए 90% शिक्षा व्यवस्था को संचालित कर रहा है उसके विषय में सोचना भी प्रदेश सरकार का दायित्व है।

मेरी प्रदेश सरकार से अपील है कि प्रत्येक वित्तविहीन शिक्षक साथी के खाते में कम से कम ₹5000 न्यूनतम आर्थिक सहायता प्रदान किया जाय। उन्‍होंने कहा है कि शिक्षा मंत्री से मेरा अनुरोध है कि यदि सरकार वित्तविहीन शिक्षक साथियों को आर्थिक राहत नहीं दे पा रही है तो वित्तविहीन शिक्षकों के लिए एक राहत कोष का गठन करवा दें, जिसमें सारे शिक्षक संगठन एवं सरकार  प्रयास करके एक बड़ी धनराशि एकत्रित करवाये, जिसके द्वारा प्राथमिक से लेकर विश्वविद्यालय तक के वित्तविहीन शिक्षक साथियों का सहयोग किया जा सके। उन्‍होंने कहा कि इसके साथ ही सरकार सभी का चिकित्सा बीमा भी कराए क्योकि बीमारियों से लड़ने के लिए इनकी आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं है।

डॉ राय ने कहा कि प्रदेश में कार्यरत विभिन्न शिक्षक संगठनों से मेरी अपील है कि इस दैवीय आपदा के समय में व्यक्तिगत राजनीति से ऊपर उठकर जरूरतमंद वित्तविहीन शिक्षकों के लिए इस कोष के गठन में सहयोग करें, जिसमें समस्त शैक्षिक संगठन एवं उसके नेता अपनी तरफ से सहयोग राशि प्रदान करे। उन्‍होंने कहा कि इस कोष में मेरी तरफ से जब तक लॉकडाउन रहेगा, हर महीने अपना पूरा वेतन दिया जायेगा। सभी शिक्षक संगठन एवं शिक्षक नेता यदि अपने वेतन के एक छोटे से अंश का इस कोष में सहयोग करें तो निश्चित रूप से एक बड़ी धनराशि एकत्र की जा सकती है, जिसका उपयोग जरूरतमंद वित्तविहीन शिक्षकों के भरण पोषण एवं चिकित्सा के लिए किया जा सकता है।

डॉ राय ने कहा है कि मेरा हाथ जोड़कर निवेदन है कि सभी शिक्षक नेता इस दिशा में सकारात्मक एवं भावनात्मक दृष्टिकोण से सोचते हुए खुले मन से वित्तविहीन शिक्षकों के लिए इस फंड में दान दें, जिससे वित्तविहीन शिक्षकों को चिकित्सा एवं भोजन संबंधी मूल आवश्यकता इस घोर संकट के समय में उपलब्ध करवाई जा सके। यह आपदा का समय आपसी वैचारिक मतभेदों को पीछे रख कर शिक्षक हित में एकजुट होकर अपने वित्त विहीन शिक्षक भाइयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उनके भोजन एवं चिकित्सा  जैसी  मूलभूत आवश्यकता को पूर्ण करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बढ़ाने का है। उन्‍होंने कहा कि मेरी शिक्षा मंत्री से अपील है कि जल्द से जल्द इस राहत कोष का गठन करें एवं शिक्षकों द्वारा जो 1 दिन का वेतन दिया गया है उसको इस राहत कोष में डालने की कृपा करें, जिससे जल्द से जल्द वित्तविहीन शिक्षकों को राहत प्रदान की जा सके। वित्तविहीन शिक्षक साथियों को इस महामारी के दौर में भुखमरी से लड़ने के लिए अकेला नहीं छोड़ा जा सकता है।