
लखनऊ। अगर आप किसी गंभीर रोग से ग्रस्त हैं और अंग्रेजी, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक आदि अनेक इलाज कर चुके हैं लेकिन फायदा नहीं हो रहा है तो आप के लिए यह खुश होने वाली खबर है कि आप प्राणिक हीलिंग उपचार से ठीक हो सकते हैं। इस पद्धति से इलाज में मुख्यत: आपके शरीर में मौजूद चक्रों को प्राकृतिक ऊर्जा के सहारे सामान्य बना कर इलाज किया जाता है।
शरीर में मौजूद चक्रों को ऊर्जा देकर किया जाता है इलाज
यह जानकारी गोमती नगर स्थित योगिक मानसिक चिकित्सा सेवा समिति के अंतर्गत दिये जाने वाले प्राणिक हीलिंग उपचार की संचालिका नीति त्रिपाठी ने ‘सेहत टाइम्स’ के साथ एक विशेष बातचीत में दी। नीति ने बताया कि हमारे शरीर में मौजूद चक्रों में जब किसी कारणवश ऊर्जा कम हो जाती है तो हम बीमार पड़ जाते हैं ऐसे में प्राणिक हीलिंग उपचार के तहत इससे उपचार करने वाले प्राणिक हीलर पहले रोगी के शरीर के चारों ओर मौजूद औरा को देखकर यह पता लगाते हैं कि किस चक्र में ऊर्जा की कमी है फिर उसी चक्र को प्राकृतिक ऊर्जा देकर हीलिंग की जाती है।
नीति ने बताया कि संपूर्ण सूक्ष्म शरीर या आध्यात्मिक शरीर एक दूसरे के साथ ऊर्जा चैनलों के माध्यम से जुड़ा हुआ है, इन ऊर्जा चैनल को नाड़ी कहा जाता है, नाड़ी का अर्थ है धारा। नाड़ी वह चैनल हैं जो रीढ़ की हड्डी के स्तंभ या केंद्रीय चैनल से प्राणिक ऊर्जा लेते हैं। इसी में प्राणिक ऊर्जा बहती रहती है।
अदृश्य नाडिय़ों के माध्यम से मिलती है ऊर्जा
नीति ने बताया कि नाड़ी दरअसल नजर न आने अदृश्य नलियां हैं। ये सूक्ष्म ऊर्जा नलिकाएं और केंद्र हमारे शरीर को जीवन की बहुत सांसें दे देते हैं। उनके बिना, आपका दिल नहीं धडक़ सकता, फेफड़े नहीं काम कर सकते। इस प्रकार की नाडिय़ों की चूंकि वैज्ञानिक जांच नहीं हो सकती है इसलिए पश्चिमी चिकित्सा ने इसका अस्तित्व स्वीकार नहीं किया है। हालांकि, नाड़ी प्रणाली चीनी एक्यूपंक्चर और आयुर्वेदिक दवा का सार है।
जैसे रेडियो मेें आती हैं तरंगें वैसे ही दी जाती है प्राणिक ऊर्जा
उन्होंने बताया कि उस व्यक्ति के बारे में विचार करें जिसने कभी रेडियो या टेलीविजन नहीं देखा हो, अगर आपने उन्हें बताया कि ये उपकरण कई मील की दूरी से आने वाले सिग्नल उठा सकते हैं, तो वह आप पर हंसेंगे। जाहिर है कोई तार संकेत को संचारित नहीं करता, फिर भी अदृश्य विद्युत चुम्बकीय तरंगों को इसे ले जाता है। इसी प्रकार, हमारा शरीर एक रेडियो के समान है जो प्राणिक ऊर्जा प्राप्त करता है।
10 प्रमुख नाडिय़ां, जो जुड़ी हैं तीन महत्वपूर्ण नाडिय़ों से
उन्होंने बताया कि मानव ढांचे में कई हजारों नाडिय़ां हैं, लेकिन इनमें 72 को महत्वपूर्ण माना जाता है और 10 को प्रमुख माना जाता है। हालांकि वे सभी रीढ़ की हड्डी के भीतर सूक्ष्म ऊर्जा निकाय की सबसे महत्वपूर्ण 3 मुख्य नाडिय़ों से जुड़ी हैं। उन्हें इडा नाड़ी, पिंगला नाड़ी और सुषुम्ना नाड़ी कहा जाता है। इदा स्त्री चैनल है, पिंगला पुरुष चैनल है और सुषुम्ना केंद्रीय, आध्यात्मिक चैनल है। यिन और यांग, इदा और पिंगला की तरह सूक्ष्म रूप में प्रकृति, मन और शरीर की दो प्रमुख शक्तियां होती हैं। इडा में चेतना की मानसिक शक्ति होती है और पिंगला नाड़ी भौतिक शरीर के महत्वपूर्ण जीवन शक्ति को शामिल करती है। सुषुना नाड़ी सभी का सबसे सूक्ष्म चैनल है, यह रीढ़ की हड्डी के माध्यम से चल रहा है और चारों ओर इडा और पिंगला क्रूस कई बिंदुओं पर पार कर जाते हैं ताकि ऊर्जा चक्र या चक्र विकसित हो सके।
