केजीएमयू में कर्मचारी नेताओं ने कुलपति से मिलकर जताया विरोध

-वीसी ने दिया आश्‍वासन, अगर निर्दोष हैं तो नहीं होगी कोई कार्रवाई

-कर्मचारी परिषद को मिला राज्‍य कर्मचारी संयुक्‍त परिषद का साथ

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्‍सा विश्‍वविद्यालय के 68 कर्मचारियों के विरुद्ध केजीएमयू प्रशासन द्वारा की गयी कार्यवाही से नाराज कर्मचारी परिषद के राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उ प्र के महामंत्री अतुल मिश्र के नेतृत्व में, के जी एम यू कर्मचारी परिषद के पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति और कुलसचिव से मिलकर विरोध जताते हुए कहा गया कि अधिकांश कर्मचारियों के विरुद्ध की गई कार्यवाही न्यायसंगत नहीं है, वे निर्दोष हैं।  इस पर कुलपति ले.ज. डॉ बिपिन पुरी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्‍वस्‍त किया कि जो कर्मी निर्दोष हैं उनके विरुद्ध कार्यवाही नहीं की जायेगी। प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष प्रदीप गंगवार, महामंत्री राजन यादव एवं प्रिया यादव, अतुल उपाध्याय शामिल थे।

एक विज्ञप्ति के माध्‍यम से यह जानकारी देते हुए कर्मचारी परिषद के अध्‍यक्ष प्रदीप गंगवार ने बताया कि कुलपति एवं कुलसचिव से भेंट कर 68 कर्मचारियों के विरुद्ध की गई कार्यवाही के सम्बंध में विस्तृत रूप से चर्चा करते अवगत कराया कि उनमें से अधिकांश कर्मचारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस एवं स्पष्टीकरण तथा वेतन आहरण पर रोक लगाने से कर्मचारी आक्रोशित है व उनका मनोबल कमजोर हो रहा है। उन्‍होंने कहा कि अधिकांश कर्मचारियों के विरुद्ध की गई कार्यवाही न्यायसंगत नहीं है, अधिकांश कर्मचारी निर्दोष हैं। जिस पर कुलपति ने आश्वस्त किया कि जो कर्मी निर्दोष हैं उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की जाएगी। कुलसचिव ने कहा कि जो कर्मी इस कोविड काल मे अपना विशेष योगदान दे रहे हैं उनको प्रोत्साहन हेतु प्रशस्ति पत्र जारी कर सम्मानित किया जाएगा।

संवर्गीय पुनर्गठन पर शासन से वार्ता की भी जानकारी दी वीसी ने

कुलपति द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि कर्मचारी परिषद द्वारा संवर्गीय पुनर्गठन के लिए लगाए गए पत्र के क्रम में कुलपति द्वारा अपर मुख्य सचिव डॉ रजनीश दुबे से वार्ता की गई, जिसमें अपर मुख्य सचिव द्वारा 4-4 कैडर की फ़ाइल शासन को संवर्गीय पुनर्गठन के लिए प्रेषित किये जाने की सहमति प्रदान की गई। कुलपति ने कर्मचारियों से अपील की है कि इस वैश्विक महामारी कोविड 19 की लड़ाई में कर्मचारी पूरा सहयोग दें औऱ मरीज़ों के हित में पूर्व की भांति कार्य कर संस्थान को ऊंचाइयों पर ले जाने में महत्वपूर्ण योगदान दें। कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति मैं गम्भीर हूँ और प्रयास रहेगा कि सभी समस्याओं का निदान समयबद्ध तरीके से हो व किसी के विरुद्ध कोई अन्याय नहीं होने देंगे।