इंटर्न्‍स की मेहनत, रेजीडेंट्स डॉक्‍टर्स का सहयोग रंग लाया, बढ़ेगा स्‍टाइपेंड

-शासन ने गठित की तीन सदस्‍यीय कमेटी, 5 दिसम्‍बर तक करेगी संस्‍तुति  

चिकित्‍सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्‍ना के कक्ष में हुई बैठक में पहुंचा प्रतिनिधिमंडल

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के इंटर्न्‍स का प्रयास-दर-प्रयास, रेजीडेंट्स डॉक्‍टर्स सहित अन्‍य संगठनों के मिला सहयोग रंग लाया, उत्‍तर प्रदेश शासन द्वारा इंटर्न्‍स के स्‍टाइपेंड को बढ़ाने की संस्‍तुति के लिए सचिव चिकित्‍सा शिक्षा की अध्‍यक्षता में तीन सदस्‍यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है।

चिकित्‍सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्‍य सचिव डॉ रजनीश दुबे की द्वारा दी गयी जानकारी में बताया गया है कि कमेटी के अन्‍य दो सदस्‍यों में सदस्य विशेष सचिव वित्त विभाग तथा विशेष सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग शामिल हैं। यह कमेटी आगामी 5 दिसंबर तक स्‍टाइपेंड बढ़ाने पर अपनी संस्तुति देगी।

ज्ञात हो लम्‍बे समय से ये इंटर्न्‍स अपना स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर गुहार लगा चुके हैं, तीन दिन पूर्व 24 नवम्‍बर से इनके द्वारा केजीएमयू के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा था। इंटर्न्‍स का आंदोलन और उन्हें इस मुद्दे पर मिला सहयोग रंग लाया और चिकित्‍सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्‍ना की प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई वार्ता के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेजों, संस्थानों, विश्वविद्यालयों से एमबीबीएस, बीडीएस परीक्षा उत्तीर्ण छात्रों को अनिवार्य रोटेटिंग इंटर्नशिप के दौरान इंटर्नशिप भत्‍ता बढ़ाये जाने के प्रकरण पर संस्तुति के लिए तीन सदस्य समिति का गठन कर 5 दिसम्‍बर तक कमेटी से संस्‍तुति प्रस्‍तुत करने के निर्देश दिये गये हैं। ज्ञात हो इन इंटर्न को वर्तमान में 7,500 रुपये प्रतिमाह स्‍टाइपेंड दिया जा रहा है, जबकि कोविड के बाद से दूसरे राज्‍यों में यह तीन से चार गुना ज्‍यादा भुगतान किया जा रहा है।