कौशल बढ़ने से ही होगा अर्थव्‍यवस्‍था का विकास

-प्रावधानों का लाभ लेने के लिए बजट के गहन अध्‍ययन का आह्वान
-महर्षि सूचना प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित हुई बजट पर परिचर्चा

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। महर्षि सूचना प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, लखनऊ में आज वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के तत्वावधान में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मनाये जा रहे वित्‍तीय साक्षरता सप्‍ताह के अंतर्गत ‘‘आमबजट- 2020 पर एक परिचर्चा सत्र‘‘ का आयोजन किया गया। इस परिचर्चा में शामिल विशेषज्ञों ने बजट से जुड़े विषयों पर अनेक महत्‍वपूर्ण जानकारियां दीं और जागरूक किया। बजट में मौजूद प्रावधानों से ज्‍यादा से ज्‍यादा लाभ पाने के लिए इसके अध्‍ययन पर जोर दिया गया।

बुधवार को आयोजित इस परिचर्चा सत्र में आर्थिक क्षेत्र के विशेषज्ञ एवं अर्थशास्त्री प्रो0 मनीष हिन्दवी, सी0 ए0 शैलजा भटनागार, सी0 ए0 तरुण भट्ट एवं सी0 एस0 मारतण्ड विक्रम गुप्ता ने भाग लिया। महर्षि के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प समर्पित करके परिचर्चा का उद्घाटन करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 भानु प्रताप सिंह ने कहा कि कौशल विकास ही अर्थव्यवस्था के विकास का मूलमंत्र है, उन्‍होंने बताया कि वर्तमान बजट में इस पर विशेष बल दिया गया है।

प्रो0 मनीष हिन्दवी ने कहा कि वर्तमान बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती एवं सूक्ष्म लघु मध्यम उद्योगों में रोजगार के अवसर प्रदान करेगा, साथ ही साथ भविष्य के बजट में यह भी प्रावधान होना चाहिए कि पिछले बजट का कितना प्रतिशत उद्देश्य हम प्राप्त कर चुके हैं। प्रो0 हिन्दवी ने बहुत ही सटीक एवं प्रभावशाली ढंग से बजट का सार विद्यार्थी के समक्ष रखा एवं विद्यार्थियों द्वारा पूछे गये प्रश्नों का उत्तर दिया।

सी0 ए0 शैलजा भटनागर ने बजट 2020 में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में किये गये विविध प्रावधानों जैसे ‘‘शिक्षा मंत्रालय का गठन एवं राष्ट्र में शिक्षा दर को बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान, साक्षर भारत, सर्व शिक्षा अभियान, ‘‘शिक्षकों का प्रशिक्षण‘‘, नई मंजिल, उस्ताद के विषय में विस्तृत ढ़ंग से चर्चा की।

सी0 ए0 तरुण भट्ट ने बताया कि कैसे वेतन प्राप्त कर्मचारी आयकर का भुगतान करेंगे, किस-किस सेक्शन के तहत छूट प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही यह भी बताया कि इस बार का आयकर पिछले वर्ष से कैसे भिन्न है, एवं बताया कि इस बजट में शिक्षा के लिए शिक्षा ऋण पर विशेष ध्यान दिया गया।

सी0 एस0 मारतण्ड विक्रम गुप्ता ने बताया कि समाज में जो लोग सही बिल नहीं लेते हैं एवं जो दुकानदार सही बिल नहीं देते हैं, उनके ऊपर भी विशेष कार्यवाही की बात की गयी है।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो0 अखण्ड प्रताप सिंह ने बजट- 2020 परिचर्चा सत्र की आयोजन समिति को अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित कीं एवं कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों में अर्थव्यवस्था के प्रति लगाव पैदा करने में मील का पत्थर साबित होंगे।

परिचर्चा के शुभारम्भ में वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के संकायाध्यक्ष सपन अस्थाना ने बजट- 2020 परिचर्चा सत्र में आये सभी वित्त विशेषज्ञ एवं विद्यार्थियों का स्वागत किया एवं कहा कि एक जागरूक नागरिक होने के कारण हम सभी का यह कर्तव्य है कि लोकतंत्र के सबसे बड़े सदन ‘‘लोकसभा‘‘ में पास हुये बजट को अच्छे से जानें एवं समझें क्योंकि जब हम जानेंगें तभी बजट के विभिन्न प्रावधानों का लाभ उठा सकेंगे, इन्हीं उद्देश्यों को पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा यह परिचर्चा सत्र का कार्यक्रम रखा गया।

बजट 2020 परिचर्चा सत्र का संचालन वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के सहायक प्राध्यापक अंकित श्रीवास्तव ने बहुत रोचक ढंग से किया। विद्यार्थियों में बजट के प्रति रुचि पैदा करने के लिए एक क्विज प्रतियोंगिता का भी आयोजन किया गया, विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार भी प्रदान किये गये। इस परिचर्चा में लगभग 150 लोगों ने प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो0 नितिन कुमार चतुर्वेदी, उप कुलसचिव, गिरीश छिमवाल, अरविन्द सक्सेना, रचना सक्सेना एवं वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय के आर0 पी0 सिंह, अवनीश कुमार सिंह, नरेन्द्रमोहन, डा0 संध्या सिन्‍हा, डा0 विजय कुमार, डा0 सुप्रिया अवस्थी, मीनाक्षी नाग, रश्मि राकेश सहित संकाय के विद्यार्थी एवं गणमान्य सदस्य उपस्थित थे।