क्‍लीनिक-हॉस्पिटल के अंदर बैठकर नहीं, बाहर निकलकर विरोध जतायें चिकित्‍सक

-11 दिसम्‍बर को प्रात: 6 बजे से 24 घंटे तक यूपी में ठप रहेंगी चिकित्‍सा सेवायें

-इमरजेंसी व आवश्‍यक सेवाओं के साथ ही कोविड चिकित्‍सा हड़ताल से बाहर

-राजधानी लखनऊ में आईएमए भवन पर एक घंटे विरोध प्रदर्शन भी करेंगे डॉक्‍टर

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। आयुर्वेद चिकित्सकों को सर्जरी का अधिकार देने के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कल 11 दिसंबर को हड़ताल का आह्वान किया है। इस दौरान इमरजेंसी, कोविड जैसी आवश्यक सेवाओं को छोड़कर ओपीडी सहित शेष कार्य आईएमए के चिकित्सक बंद रखेंगे।

देखें वीडियो: विरोध बातों से नहीं, बाहर निकल कर दिखायें चिकित्‍सक

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के सचिव डॉ जयंत शर्मा ने आई एम ए के सभी सदस्य चिकित्सकों से आह्वान किया है कि इस गंभीर मसले पर गंभीरता से विरोध जताएं, इसके लिए अपनी अपनी क्लिनिक, अस्पतालों से बाहर निकलें, बंद कमरे में बैठकर सिर्फ मुंह से विरोध न जताएं। उन्होंने कहा चिकित्सक शांतिपूर्ण ढंग से कोविड प्रोटोकॉल का पूरा पालन करते हुए बाहर निकल कर अपना विरोध जताएं और प्रभावी ढंग से अपनी बात सम्‍बन्धित अधिकारियों तक इस तरह पहुंचाएं कि वे हमारी बातें समझ सकें। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि यह आदेश आने वाले समय में सभी तरह के डॉक्टरों के लिए अहितकारी सिद्ध होगा।

डॉ रमा श्रीवास्तव

आई एम ए लखनऊ की अध्यक्ष डॉ रमा श्रीवास्तव ने भी कहा है कि कल 11 दिसंबर को सुबह 6:00 बजे से अगले दिन 12 दिसंबर की सुबह 6:00 बजे तक आई एम ए से जुड़े चिकित्सक अपने कार्य ठप रखेंगे। उन्होंने बताया कि इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं, प्रसव सेवाएं व कोविड से जुड़ी चिकित्सा सेवाओं के साथ ही आईसीयू, क्रिटिकल केयर सेवाओं को हड़ताल से अलग रखा गया है। उन्होंने बताया कि‍ हड़ताल को लेकर विरोध जताने के लिए कल अपराहन 1 बजे से 2 बजे तक सभी चिकित्सक रिवर बैंक कॉलोनी स्थित आईएमए भवन पर उपस्थित होंगे।