Monday , November 15 2021

ब्रेस्‍ट कैंसर से बचने के लिए स्‍वयं ही करें अपने स्‍तनों की जांच

-संजय गांधी पीजीआई ने ग्रामीण क्षेत्र के सर्जन और मेडिकोज के लिए आयोजित किया कार्यक्रम

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। ब्रेस्‍ट कैंसर जागरूकता माह के अंतर्गत संजय गांधी पीजीआई के एंडोक्राइन सर्जरी विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के सर्जन और एमबीबीएस छात्रों के लिए शनिवार को एक वर्चुअल जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देशभर के 25 संकाय सदस्‍य के अलावा 343 लोगों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा घर पर ही अपने स्‍वयं के द्वारा ब्रेस्‍ट कैंसर से बचाव के लिए उसकी शुरुआत में ही पहचान कैसे की जाये,  इसके बारे में संजय गांधी पीजीआई में तैयार किये गये वीडियो को दिखाया गया।

एसोसिएशन ऑफ सर्जन्‍स ऑफ रूरल इंडिया के अध्यक्ष डॉ गोपालाकृष्णन नटराजन ने कांफ्रेंस का उद्घाटन किया। इसके बाद एसोसिएशन के सचिव डॉ राजशेखर मोहन ने कोर्स के बारे में परिचय कराया। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और कार्यक्रम के आयोजन सचिव एसोसिएट प्रोफेसर डॉ एस मायिलवागणन ने वीडियो दिखाते हुए महिलाओं द्वारा ब्रेस्ट कैंसर के स्व परीक्षण के बारे में बताया।

उन्‍होंने बताया कि स्‍व परीक्षण करने के तरीके तो कई हैं, लेकिन इसमें सबसे कॉमन तरीका है कि महिला शीशे के सामने खड़े होकर अपने दोनों हाथ नितम्‍बों पर रखकर स्‍तनों को ध्‍यान से देखें कि दोनों स्‍तनों के आकार, रंग, निप्‍पलों की‍ स्थिति में कोई फर्क तो नहीं है।

इसके बाद दूसरे चरण में महिला अपने दोनों हाथ ऊपर उठाकर इसी प्रकार तीनों चीजों को देखें तथा तीसरे चरण में बिस्‍तर पर सीधी लेटकर अपना एक हाथ सिर के नीचे रखकर दूसरे हाथ की बीच की तीन उंगलियों से दोनों स्‍तनों को बारी-बारी से दबाकर जांच करे कि कहीं गांठ से महसूस नहीं हो रही है।

उन्‍होंने बताया कि जिन महिलाओं का मीनोपॉज हो चुका है उन्‍हें महीने की किसी एक तारीख का चुनाव कर उसी दिन जांच करनी चहिये तथा दूसरी महिलाओं को जब उनके पीरियड समाप्‍त हो उसके एक सप्‍ताह बाद चेक करना चाहिये। ब्रेस्‍ट कैंसर का उपचार संभव है। उन्‍होंने कहा कि ब्रेस्‍ट कैंसर की एडवांस स्‍टेज से बचने के लिए स्‍व परीक्षण की आवश्‍यकता है।

संजय गांधी पीजीआई के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो अमित अग्रवाल ने ब्रेस्ट सर्जरी की नई विधियों के बारे में जानकारी दी और कहा कि संस्‍थान में इन्‍हीं नयी विधियों से ब्रेस्ट कैंसर की सर्जरी की जाती है। प्रोफ़ेसर अंजली मिश्रा ने ब्रेस्ट कैंसर का स्‍व परीक्षण कैसे किया जाए इसके बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रोफेसर गौरव अग्रवाल ने भारत में व्‍याप्‍त ब्रेस्‍ट कैंसर की स्थिति के बारे में चर्चा की।

डीन प्रोफेसर एसके मिश्रा ने प्रोग्राम में जुड़ने के लिए सभी को धन्यवाद देते हुए सुझाव दिया कि इसी प्रकार के और वर्चुअल प्रोग्राम आगे भी किये जाने की जरूरत है।