रविवार को आरोग्‍य मेला न लगायें, यदि लगायें तो नियमानुसार कर्मियों को दें दोगुना भत्‍ता

-रविवार का आरोग्‍य मेला स्‍वास्‍थ्‍य कर्मियों को दे रहा मानसिक प्रताड़ना
-राज्‍य कर्मचारी संयुक्‍त परिषद का ऐलान, नहीं सुना गया तो बांधेंगे काला फीता

लखनऊ। प्रत्येक रविवार को लगने वाले आरोग्य मेले को मानसिक प्रताड़ना बताते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने रविवार में कार्य करने वाले अधिकारियों कर्मचारियों को केंद्र सरकार एवं श्रम कानूनों के अनुरूप अतिरिक्त भत्ते के रूप में दोगुना वेतन की धनराशि‍ की मांग की है। परिषद ने निर्णय लिया कि यदि सरकार द्वारा सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 15 दिन के बाद मेले में कार्य करने वाले कर्मचारी काला फीता बांधकर सांकेतिक विरोध दर्ज कराते हुए कार्य करेंगे।

स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत समस्त संवर्गों के कर्मचारी संघों के साथ राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश की बैठक आज शनिवार को बलरामपुर चिकित्सालय में संगठन प्रमुख के के सचान की अध्यक्षता में संपन्न हुई।

महामंत्री अतुल मिश्रा ने बताया कि उपस्थित कर्मचारी संघों जिसमें फार्मेसिस्ट एसोसिएशन, नर्सेज संघ, लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन, एक्सरे टेक्नीशियन एसोसिएशन, डेंटल हाइजीनिस्ट एसोसिएशन, ऑप्टोमेट्रिस्ट एसोसिएशन, फिजियोथैरेपिस्ट एसोसिएशन, बेसिक हेल्थ वर्कर एसोसिएशन, मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ,एन०एम०ए एसोसिएशन,प्रयोगशाला सहायक (ग्राम्य),राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ,एल टी एसो संविदा, आयुष फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित थे। उन्होंने आक्रोश व्यक्त किया कि सरकार द्वारा प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर हर रविवार को आरोग्य मेला लगाया जा रहा है।

उन्‍होंने बताया कि चिकित्सालयों में सभी संवर्ग के केवल एक ही अधिकारी कर्मचारी तैनात हैं। अतः चिकित्सालयों के कर्मी अब सप्ताह के सातों दिन कार्य कर रहे हैं, जिसमें कर्मचारियों का सामाजिक जीवन शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होगा।

परिषद ने कहा है कि एकल पदों के कारण किसी भी कर्मचारी को प्रतिकर अवकाश भी नहीं मिल सकता। सप्ताह के सातों दिन कार्य करने से कर्मचारियों को पारिवारिक दायित्वों का पालन करने में अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि रविवार को बच्चों एवं अन्य कार्यालयों में अवकाश होता है इसलिए कर्मचारी अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन भी रविवार साप्ताहिक अवकाश में ही करते हैं। कर्मचारी पारिवारिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं, जिससे कर्मचारी एवं उनका पूरा परिवार भी आक्रोशित हो रहा है।

परिषद ने पूर्व में ही मांग की थी कि आरोग्य मेले रविवार की जगह किसी कार्य दिवस को आयोजित किए जाएं, लेकिन शासन द्वारा मांग का संज्ञान नहीं लिया गया।

कर्मचारियों में व्याप्त आक्रोश को देखते हुए आज परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि प्रत्येक रविवार को मेले में ड्यूटी लगाई जाती है तो नियमानुसार अतिरिक्त कार्य का भुगतान दोगुना वेतन के रूप में किया जाना न्यायोचित है।

बैठक में राजकीय फार्मासिस्ट महासंघ के अध्यक्ष एवं परिषद के प्रमुख उपाध्यक्ष सुनील यादव, नर्सेज संघ के महामंत्री अशोक कुमार, बी०एच०डब्ल्यू संघ के अध्यक्ष एवं परिषद के उपाध्यक्ष धनंजय तिवारी, परिषद के जिला अध्यक्ष सुभाष श्रीवास्तव, डेंटल हाइजीनिस्ट संघ के अध्यक्ष राजीव तिवारी महामंत्री डी डी त्रिपाठी, लैब टेक्नीशियन एसो के सचिव कमल श्रीवास्तव,ऑप्टोमेट्रिस्ट एसो के अध्यक्ष सर्वेश पाटिल,राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के विजय बाजपेई, कुष्ठ कर्मचारी संघ के सतीश यादव,एक्स रे टेक्नीशियन एसो के महामंत्री आर के पी सिंह, प्रयोगशाला सहायक संघ ग्राम्य के महामंत्री बी के सिंह व उपाध्यक्ष अभिषेक , फिजियोथेरेपिस्ट एसो के महामंत्री अनिल कुमार, परिषद के मीडिया प्रभारी सुनील कुमार,एल टी एसो संविदा संघ के अध्यक्ष योगेश, आयुष फार्मासिस्ट संघ के अध्यक्ष अम्मार जाफरी, मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ की अध्यक्षा मीरा पासवान, राजकीय फार्मेसिस्ट महासंघ के उपाध्यक्ष ओ पी सिंह, जिला सचिव जी सी दुबे आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।