कोविड वैक्‍सीन को लेकर मन में डर न रखें, मैंने भी आज लगवायी है : नवनीत सहगल

-अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने की लोगों से अपील

डॉ नवनीत सहगल व उनकी पत्नी वन्दना सहगल ने शनिवार को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी चिकित्सालय (सिविल अस्पताल) में कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने कहा है कि कोविड वैक्‍सीन को लेकर मन में किसी प्रकार का डर न रखें, मैं स्वयं आज सुबह टीका लगवा कर आया हूं। प्रदेश में जो टीकाकरण चल रहा है, उसमें बढ़-चढ़कर भाग लें।

अपर मुख्य सचिव, सूचना डॉ नवनीत सहगल व उनकी पत्नी वन्दना सहगल ने शनिवार 3 अप्रैल को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी चिकित्सालय (सिविल अस्पताल) में पहुंचकर कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। उन्होंने कहा कि सभी लोग कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करें, भीड़-भाड़ वाली जगहों में जाने से बचें, मास्क पहनकर रखें व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। उन्होंने कहा कि सभी पात्र लोग अपना-अपना वैक्सीनेशन करायें। कोविड-19 वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिय सभी लोग सावधानी बरतें।

उन्‍होंने शनिवार को लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि प्रदेश में कोविड वैक्सीनेशन का टीकाकरण सोमवार से शनिवार किया जा रहा है। जो लोग 45 वर्ष से अधिक हैं वे अपना टीकाकरण नजदीकी सरकारी अस्पताल में करायेंगे तो निःशुल्क होगा, अगर प्राइवेट चिकित्सालय में करायेंगे तो एक डोज का 250 रूपये भुगतान करना होगा।

उन्‍होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना के संक्रमण के केस में उछाल आ रहा है, सरकार इसके लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। टेस्ट की संख्या बढ़ाई गई हैं। अस्पताल में भी सुविधा बढ़ाई गयी है जैसा कि कोरोना के पीक के समय में थी। प्रदेश में 5392 कन्टेनमेंट जोन हैं। प्रदेश के सभी लोगों से अपील है कि कोविड-19 के प्रोटोकाल का अवश्य पालन करें, जैसे साबुन-पानी से नियमित हाथ धोते रहे, मास्क लगायें।

प्रदेश में सर्विलांस का नया प्रयोग कर प्रत्येक परिवार तक पहुंच कर उनका हालचाल लेते हुए कोविड संक्रमण की जानकारी ली जा रही है। सर्विलांस अभियान के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश की 24 करोड़ जनसंख्या में से लगभग 19 करोड़ लोगों तक सरकारी मशीनरी द्वारा पहुंचकर हालचाल जाना गया है, अभी तक 3.52 करोड़ टेस्ट हुए है। इतनी बड़ी संख्या में टेस्ट पूरे देश के किसी राज्य में नहीं हुए है। 15.37 करोड़ की जनसंख्या तक व्यक्तिगत रूप से हमारी टीमों ने पहुंचकर उनका हालचाल जाना है।