-भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों में 24, 25 एवं 26 फरवरी को 300 स्थानों पर आयोजित किये जा रहे स्वास्थ्य शिविर
-थारू जनजाति के लोगों के लिए प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा

सेहत टाइम्स
लखनऊ। नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ) द्वारा आयोजित श्री गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा में भाग लेने आये प्रतिभागियों को आज 23 फरवरी को उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं सामाजिक कल्याण मंत्री असीम अरुण ने भारत नेपाल सीमा के लिए रवाना किया। यहां केजीएमयू के अटल बिहारी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर पर आयोजित समारोह में डिप्टी सीएम ने काफिले को झंडा दिखाकर रवाना किया।
यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार हर वर्ष भारत नेपाल सीमा के थारू बाहुल्य जनजातीय क्षेत्रों में होने वाले इस स्वास्थ्य शिविर में इस वर्ष प्रदेश के 50 से अधिक संस्थानों से चिकित्सक एवं छात्र प्रतिभाग कर रहे हैं। इस वर्ष इस यात्रा में 6 सीमावर्ती ज़िलों के लगभग 1500 गांवों को केंद्रित करके 300 स्थानों पर कैंप किया जा रहा है।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने एनएमओ के कार्यों की प्रसंसा करते हुए कहा कि एनएमओ देश के उन कुछ एक संगठनों में से है जो देश के ऐसे दूरस्थ और दुर्गम स्थानों पर स्वयं से चिकित्सक भेज कर इन कार्यों को कर रहा है। स्वास्थ्य सेवा से राष्ट्र सेवा का एनएमओ का मंत्र इन्हीं जनजातीय इलाक़ों में जाने से फलीभूत होता हैं। उन्होंने आगे कहा कि देश में चिकित्सकों के तमाम संगठन हैं जो प्रायः चिकित्सकों के अधिकारों को लेकर सक्रिय रहते हैं लेकिन यह अपने आप में अकेला संगठन है जो चाहे कश्मीर हो, या पूर्वोत्तर के राज्य अथवा भारत नेपाल सीमा का जंगली क्षेत्र, हर जगह यह संगठन सजगता से काम कर रहा है।
सामाजिक कल्याण मंत्री असीम अरुण ने जनजातीय क्षेत्रों में न केवल ऐसे और अधिक कैंप के आवश्यकताओं पर बल दिया बल्कि यह भी कहा कि उनका विभाग आगे भी इस तरह के कार्यक्रमों को अपने तरफ़ से बढ़ावा देता रहेगा साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य सेवा यात्रा में जा रहे चिकित्सकों एवं छात्रों को सेवा करने व सीखने का मंत्र भी दिया। कार्यक्रम में केजीएमयू के पूर्व कुलपति प्रो एम एल बी भट्ट ने सभी प्रतिभागियों को कार्यक्रम सफल बनाने के लिए सेवा के महत्व को बताया।
इस अवसर पर केजीएमयू के कुलपति ले.ज. डॉ बिपिन पुरी, नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय महासचिव डॉ विशम्भर सिंह, आरएसएस प्रांत प्रचारक कौशल किशोर, कार्यक्रम के मुख्य संयोजक प्रो संदीप तिवारी, सहसंयोजक डॉ भूपेन्द्र सिंह, एनएमओ अवध की सचिव डॉ अलका, कोषाध्यक्ष डॉ सुमित रूंगटा के साथ ही एनएमओ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष प्रो विजय कुमार, सचिव प्रभात पांडेय, केजीएमयू के रेस्पाइरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो सूर्यकान्त सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। आशीर्वचनों की कड़ी में कौशल किशोर ने सेवा कार्यों के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि इसी के माध्यम से भिन्न प्रांत, समुदाय एवं भाषा के लोगों को एक सूत्र में पिरोया जा सकता है। इस शिविर में सीमा जागरण मंच, वनवासी कल्याण आश्रम, एकल अभियान, आरोग्य भारती, विश्व हिंदू परिषद, भारत विकास परिषद जैसे सामाजिक संगठन भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ अलका एवं डॉ ताविशी ने किया।
