ऋतु संधिकाल में रोगों से बचने के लिए प्रयोग करना चाहिये रसायनों का

-विश्‍व आयुर्वेद परिषद अवध प्रांत ने आयोजित किया विश्‍व मंगल दिवस

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। विश्व आयुर्वेद परिषद अवध प्रांत तथा लखनऊ महानगर शाखा द्वारा शाखा द्वारा विश्व मंगल दिवस (मकर संक्रांति) का आयोजन शनिवार को किया गया।

गोमती नगर स्थित संजीवनी आयुर्वेदिक सेंटर पर आयोजित इस कार्यक्रम में जानकारी देते हुए विश्‍व आयुर्वेद परिषद में विश्व आयुर्वेद परिषद अवध प्रांत के महासचिव डॉ बी पी सिंह ने बताया कि सूर्य के उत्तरायण होने तथ ऋतु संधिकाल में होने वाले सर्दी, जुकाम, खांसी जैसे रोगों का प्रभाव बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए च्यवनप्राश, ब्रह्म रसायन, मकरध्वज रसायन आदि का सेवन करना चाहिए।

डॉ बीपी सिंह ने बताया कि इस मौके पर विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों में नंदकिशोर वर्मा (जलदूत) रामदयाल मौर्या (शिक्षाविद) तथा जितेंद्र अग्रवाल (सीए) को सम्मानित भी किया गया। इस मौके पर डॉ अजय दत्त शर्मा, डॉ आर सी वर्मा, डॉ मनोज मिश्रा, डॉ अनुराग दीक्षित, डॉ अंशुमन राय, डॉ पद्माकर लाल, डॉ एस के गुप्ता, डॉ संदीप मिश्रा ने भी  अपने अनुभवों को साझा किया।