-कोविड काल के आरम्भ में पिछले साल लगी थी रोक, डीए में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी

सेहत टाइम्स ब्यूरो
लखनऊ। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर आयी है। महंगाई भत्ते पर लगी रोक को आज हटा लिया गया है, इसके साथ ही तीन किस्तों को मिलाकर 11% महंगाई भत्ता बढ़ाने का भी फैसला हुआ है। यह फैसला आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। इसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने पत्रकारों को दी। ज्ञात हो पिछले साल महंगाई भत्ते पर कोरोना की शुरुआत से रोक लगी थी और अब तक महंगाई भत्ते की तीन किस्तों पर रोक लगी हुई थी। इसी रोक को हटाने का फ़ैसला लिया गया है। इप्सेफ ने इस निर्णय का स्वागत किया है।
आज के फ़ैसले के मुताबिक़ 1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 से लागू होने वाली तीनों किस्तों पर लगी रोक हटा दी गई है। रोक हटने के बाद तीनों किस्तों को मिलाकर कुल 11 फ़ीसदी की बढोत्तरी होगी, यानि महंगाई भत्ते की दर वर्तमान के 17 फ़ीसदी से बढ़कर 28 फ़ीसदी हो जाएगी। सरकार के इस फैसले से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों को फ़ायदा होगा।
दरअसल कोरोना शुरू होने के बाद से महंगाई भत्ते की बढोतरी पर रोक लगी हुई थी। पिछले साल कोरोना महामारी शुरू होने के बाद अप्रैल के महीने में केंद्रीय कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले महंगाई भत्ते की दो किस्तों को जारी करने पर रोक लगा दी थी। चूंकि महंगाई भत्ते की क़िस्त हर छह महीने 1 जनवरी व 1 जुलाई से जारी की जाती है।
इप्सेफ ने किया स्वागत, जताया आभार
महंगाई भत्ते की 11% किस्त देने के लिए प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं कैबिनेट सचिव भारत सरकार को इप्सेफ ने धन्यवाद दिया। इंडियन पब्लिक सर्विस इम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी पी मिश्रा, महामंत्री प्रेमचंद एवं सचिव अतुल मिश्रा ने 11% महंगाई भत्ते की किस्त का भुगतान करने के निर्णय का स्वागत किया है और आशा व्यक्त की है कि एरियर का भी भुगतान कर दिया जाएगा।
अतुल मिश्रा ने बताया कि इस निर्णय को कराने में राजनाथ सिंह एवं कैबिनेट सचिव राजीव बाबा का विशेष योगदान रहा। इस संबंध में उनसे कई दौर की बातचीत हुई थी। उन्हें इस के लिए देशभर के लाखों कर्मचारियों की ओर से आभार व्यक्त किया गया है।
