कोरोना की दहशत से अभी उबरे नहीं, बर्ड फ्लू डराने को तैयार

-बर्ड फ्लू पर लेख डॉ अनुरुद्ध वर्मा की कलम से

डॉ अनुरुद्ध वर्मा

लगभग एक वर्ष से कोरोना संक्रमण की दहशत के बीच जी रहे लोगों को बर्ड फ्लू फैलने की खबर ने फिर उनमें डर एवं दहशत पैदा कर दी है। हर व्यक्ति डर रहा है कि कोरोना से तो बच गए हैं कहीं बर्ड फ्लू उन्हें अपनी गिरफ्त में न जकड़ ले। देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू फैलने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

कई राज्यों में हजारों मुर्ग़ियों, कौओं, बत्तख आदि की असमय मृत्य की खबर ने बर्ड फ्लू की संभावना को मजबूत कर दिया है। फिलहाल अभी स्थिति नियंत्रण में है परंतु यदि बर्ड फ्लू का वायरस अगर मनुष्य तक पहुंच गया तो जानलेवा भी हो सकता है।

कई राज्यों में एलर्ट जारी कर दिया है। पोल्ट्री फॉर्म के उत्पाद नहीं खाने की सलाह दी गई है तथा कई तरह की सावधनियाँ की सलाह दी गई है।

क्या है बर्ड फ्लू :

बर्ड फ्लू को एवियन एंफ्लुएंजा भी कहते हैं. ये एक तरह का वायरल इंफेक्शन है, जो पक्षियों से मनुष्यों को भी हो सकता है। ये जानलेवा भी हो सकता है।

इसका सबसे आम रूप H5N1 एवियन एंफ्लुएंजा कहलाता है। यह बेहद संक्रामक है। समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार सबसे पहले एवियन एंफ्लुएंजा के मामले साल 1997 में दिखे थे जिनमें संक्रमित होने वाले लगभग 60 प्रतिशत लोगों की जान चली गई।

एवियन एंफ्लुएंजा वायरस H5N1 को बर्ड फ्लू का सबसे बड़ा कारण माना जाता है यह वायरस पक्षियों के साथ ही साथ इन्सानों के लिए भी खतरनाक होता है। यह पक्षि‍यों के स्राव जैसे लार, मल, मूत्र, आंसू, मुंह और नाक के स्राव द्वारा इंसानों में पंहुच कर संक्रमित कर सकता है।

कहां फैलते हैं इसके वायरस:

इसके वायरस वहीं फैलते हैं जहां पक्षि‍यों की काफी तादाद होती है। पक्षियों के स्राव छूने तथा हाथ नाक एवं मुंह पर लगने से वायरस सांस के जरिये शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। उन लोगों को संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है जो पक्षियों के संपर्क में रहते हैं। पक्षियों का बिना पका कच्चा मांस खाने से भी संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है।

बर्ड फ्लू के लक्षण :

बर्ड फ्लू के लक्षण भी सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं। सांस लेने में समस्या और हर वक्त उल्टी होने का एहसास इसके खास लक्षण हैं।

अन्‍य लक्षण

*हमेशा कफ रहना

*नाक बहना

*सिर में दर्द रहना

*गले में सूजन

*मांसपेशियों में दर्द

*दस्त होना

*हर वक्‍त उल्‍टी-उल्‍टी सा महसूस होना

*पेट के निचले हिस्से में दर्द रहना

*सांस लेने में समस्या, सांस ना आना,

*निमोनिया

*आंख में कंजंक्टिवाइटिस

बर्ड फ्लू से कैसे बचें:

बर्ड फ्लू से बचने के लिए कुछ सावधनियाँ अपनाना जरूरी है –

*संक्रमित पक्षियों से दूर रहें खासकर मरे पक्षियों से बिल्कुल दूर रहें।

*बर्ड फ्लू का संक्रमण अगर फैला है तो नॉनवेज ना खाएं

*नॉनवेज खरीदते समय साफ-सफाई पर नजर रखें

*संक्रमण वाले क्षेत्र में कोशिश करें कि न जाएं, अगर जाएं तो मास्क पहनकर जाएं।

*शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाये रखना जरूरी है।

बर्ड फ्लू का इलाज:

बर्ड फ्लू की संभावना हो तो तत्काल चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। वायरस को कम करने के लिए पूरी तरह आराम करना चाहिए। स्वास्थ्य पूर्ण भोजन करना चाहिए जिसमें अधिक से अधिक तरल हो। बर्ड फ्लू अन्य लोगों में न फैले इसके लिए मरीज को एकांत में रखना चाहिए। होम्योपैथिक औषधियां बर्ड फ्लू के उपचार में प्रभावी हो सकती हैं परंतु यह केवल प्रशिक्षित चिकित्सक की सलाह से ही लेनी चाहिए।

(डॉ अनुरुद्ध वर्मा केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के पूर्व सदस्य हैं)