आयुष विभाग का निर्णय, पृथक से परीक्षा नहीं देनी होगी
लखनऊ। आयुर्वेद, होम्योपैथी व यूनानी पद्धति में स्नातक में प्रवेश भी नीट प्रवेश परीक्षा से ही होंगे। इसके लिए उन्होंने अलग से परीक्षा नहीं देनी होगी। आयुष मंत्रालय भारत सरकार ने औपचारिक आदेश जारी कर सभी राज्यों को इसकी जानकारी दे दी है। आदेश के तहत इस वर्ष हुई नीट परीक्षा के मेरिट में आए छात्र वर्ष 2017-18 के लिए बीएचएमएस, बीयूएमएस एवं बीएएमएस में प्रवेश ले सकेंगे।
आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथी में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए खुशी की खबर है कि अब आयुष पाठ्यक्रम वाले मेडिकल कॉलेजों को प्रवेश के लिए अलग परीक्षा नहीं देनी होगी। नीट की परीक्षा में जो छात्र शामिल हुए हैं, वही मैरिट के आधार पर आयुष पाठयक्रम में प्रवेश लेंगे। यानि एमबीबीएस में प्रवेश के बाद जो छात्र शेष रहेंगे वह बीएएमएस, बीयूएमएस एवं बीएचएमएस में प्रवेश पा सकेंगे। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के आदेश के तहत अब आयुष पाठयक्रम में प्रवेश भी नीट(नेशनल इलेजिबिलीटी कम इंट्रेंस टेस्ट) के माध्यम से होंगे। आयुर्वेद निदेशक प्रो. आरआर चौधरी ने बताया कि बीएएमएस, बीयूएमएस एवं बीएचएमएस आयुष स्तातक पाठयक्रम में 2017-18 के अन्तर्गत नीट की मेरिट लिस्ट को शामिल (एडॉप्ट) किए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि छात्र अग्रिम सूचनाएं विभाग की वेबसाइट डब्लूडब्लूडब्लूडॉटएसएसीएलकेआेडॉटआेआरजी पर ले सकते हैं।
