उपचारित किये गये लावारिस मरीजों को परिजनों तक पहुंचाने की कोशिश

-केजीएमयू के न्‍यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती दोनों मरीजों को अभी होश नहीं

सेहत टाइम्‍स ब्‍यूरो

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थित ट्रॉमा सेंटर में जहां अक्सर मरीजों की देखभाल में लापरवाही की खबरें आती रहती हैं वहीं दूसरा पहलू यह भी है कि यहां आने वाले कई मरीजों का इलाज उनके परिजनों की गैरमौजूदगी में किया जा रहा है यानी लावारिस मरीजों का इलाज भी यहां किया जाता है। इन मरीजों के होश में आने के बाद इनके द्वारा बताने पर या इन मरीजों के बारे में जनसामान्य तक खबर पहुंचने के बाद मरीजों के घरवाले अपने मरीज को ठीक होने के बाद वापस घर ले गए।

ऐसे मरीजों में ज्‍यादातर का इलाज न्‍यूरो सर्जरी विभाग द्वारा किया गया है। ऐसे मरीजों को उनके अपनों तक पहुंचाने का जिम्‍मा निभाने वाले न्‍यूरो सर्जरी विभाग के विभागाध्‍यक्ष डॉ बीके ओझा ने बताया है कि इस समय उनके विभाग में दो लावारिस मरीज भर्ती हैं, अब तक के इलाज के बाद इन दोनों की हालत पहले से बेहतर तो हुई है लेकिन इन्‍हें अभी होश नहीं आया है। इसलिए इनके घर का पता नहीं चल पा रहा है। डॉ ओझा ने इन मरीजों की फोटो जारी करते हुए आमजनों से अपील की है कि यदि कोई इन मरीजों को पहचानता हो तो वह केजीएमयू में सम्‍पर्क कर सकता है ताकि मरीज को उसके परिजन मिल सकें, मरीज के उपचार में इस अपनेपन के अहसास की भी बहुत बड़ी भूमिका है।

डॉ बीके ओझा ने बताया कि‍ एक पुरुष मरीज करीब 35 साल का है तथा  यह बीती 18 नवंबर को जलालपुर राजाजीपुरम में सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद  ट्रॉमा सेंटर की की कैजुअल्टी में पुलिस कांस्टेबल इंद्रेश यादव द्वारा भर्ती करवाया गया था, जब मरीज यहां भर्ती हुआ था उस समय उसके बांह में फ्रैक्चर हो गया था तथा वह बेहोशी की हालत में था। उसकी सीटी स्कैन करने पर पता चला कि उसके मस्तिष्क को गंभीर चोट पहुंची है। उन्‍होंने बताया कि मरीज का समुचित उपचार किया जा रहा है, उसकी हालत स्थिर है लेकिन वह अभी भी बेहोशी की हालत में है। इस मरीज की दुर्घटना के बारे में डॉ ओझा का कहना है कि कुछ लोगों का कहना है कि वह चलती ट्रेन से नीचे गिरा था जबकि कुछ का कहना है कि रेलवे क्रॉसिंग के पास किसी वाहन ने उसे टक्कर मार दी थी।

डॉक्टर ओझा के अनुसार इसी प्रकार दूसरा मरीज भी करीब 35 साल का पुरुष है और उसे सीतापुर जिले के परसेंडी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास बीती 26 नवंबर को दुर्घटनाग्रस्त पाया गया था, इस मरीज को एंबुलेंस ड्राइवर के पास कॉल आने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सीतापुर जिला अस्पताल ले जाया गया था जबकि सीतापुर जिला अस्पताल से केजीएमयू रेफर कर दिया गया था। इस मरीज के साथ गैर सरकारी संस्था के विनोद शुक्ला थे। मरीज गंभीर हालत में अर्धबेहोशी की स्थिति में था। मरीज के मस्तिष्क में चोट के उपचार के लिए सर्जरी की गई। अब मरीज की हालत स्थिर है लेकिन इसे भी अभी होश नहीं आया है।