स्तन कैंसर जागरूकता को लेकर विशेषज्ञों ने दीं महत्वपूर्ण जानकारियाँ
लखनऊ. यदि किसी महिला के स्तन के आकार में बदलाव आ रहा है, गांठ पड़ रही है, निप्पल धंस रहे हैं या उनमें घाव हो गया है, निप्पल से रक्तस्राव हो रहा है तो उसे चाहिए कि वे चिकित्सक से संपर्क करे क्योंकि यह लक्षण स्तन कैंसर के हो सकते हैं. पहले से ही पता चलने पर खतरे की संभावना कम रहती है. यह सलाह केजीएमयू की डॉ. गीतिका नंदा ने आज आईटी कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में छात्राओं एवं उपस्थित अन्य लोगो को संबोधित करते हुए दी.
कार्यक्रम में डॉ. नंदा के साथ ही प्रोफेसर विनोद जैन भी अतिथि वक्ता थे. प्रो0 विनोद जैन ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम विभिन्न विद्यालयों में जन जागरूकता के लिए नियमित रूप से चलाए जा रहे हैं उसी क्रम में आज इस संगोष्ठी का आयोजन आईटी कॉलेज के अंतर्गत किया गया। उन्होंने ब्रेस्ट कैंसर के विषय में बताया कि यह स्त्रियों में पाए जाने वाला मुख्य कैंसर है । इसका पता जल्दी लग जाए तो इसका पूरी तरह से इलाज संभव है.
डॉक्टर गीतिका नंदा सिंह ने छात्राओं से बात करते हुए बताया कि वह किस प्रकार से स्तन कैंसर का जल्दी पता लगा सकती हैं तथा वे किन लक्षणों के प्रति जागरुक रहें. डॉ0 नंदा ने छात्राओं को स्वयं स्तन परीक्षण की विधि को वीडियो के माध्यम से समझाया तथा बताया कि प्रत्येक स्त्री को मासिक खत्म होने के 5 दिनों के बाद अपने स्तन की जांच माह में एक बार करनी चाहिए. कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य आईटी कॉलेज द्वारा कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा गया कि वह उपरोक्त संस्था के द्वारा विभिन्न विषयों पर किए जाने वाले जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन अपने संस्थान में कराते रहेंगे।
केजीएमयू, आरोग्य भारती एवं आइडियल सोसाइटी फॉर हेल्थ मैनेजमेंट एंड इंजरी प्रिवेंशन के तत्वावधान में स्तन कैंसर जागरुकता विषय पर एक कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ के आईटी कॉलेज में किया गया। उपरोक्त कार्यक्रम में बहुत अधिक संख्या में छात्राओं कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने भाग लिया।
