-केजीएमयू, लखनऊ के सहयोग से यूपीयूएमएस में आयोजित हुआ एक दिवसीय “TEM कोर्स


सेहत टाइम्स
लखनऊ/सैफई(इटावा)। यूपीयूएमएस केवल एक चिकित्सा संस्थान नहीं, बल्कि राष्ट्र के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने का एक सशक्त स्तंभ है। हमारा उद्देश्य ऐसे दक्ष स्वास्थ्य कर्मियों का निर्माण करना है, जो विषम और संसाधन-सीमित परिस्थितियों में भी अंतिम नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और जीवनरक्षक आपातकालीन सेवाएं पहुंचा सकें। केजीएमयू के साथ यह अकादमिक एवं तकनीकी सहयोग उत्तर प्रदेश की ट्रॉमा एवं आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को एक नई दिशा और मानक प्रदान करेगा।
यह बात उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (UPUMS), सैफई के कुलपति प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने 22 जनवरी को संस्थान के आपातकालीन चिकित्सा विभाग (Department of Emergency Medicine) द्वारा सेंटर फॉर एडवांस्ड स्किल्स डेवलपमेंट, केजीएमयू, लखनऊ के सहयोग से आयोजित एक दिवसीय “TEM कोर्स: ATLS Insight for 1st Responders” के आयोजन के मौके पर कही। इस कोर्स को लगभग 100 प्रतिभागियों—जिनमें संकाय सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ एवं क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) के सदस्य शामिल थे—ने सफलतापूर्वक पूर्ण किया। यहाँ ट्रॉमा केयर से जुड़े सभी स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया।
कोर्स के निदेशक, डॉ. समीर मिश्रा ने प्रशिक्षण के अकादमिक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आधुनिक ट्रॉमा केयर में फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका निर्णायक होती है और यह प्रशिक्षण प्राथमिक सर्वे (ABCDE अप्रोच), त्वरित निर्णय क्षमता तथा टीम-आधारित उपचार को मजबूत करेगा। कार्यक्रम में केजीएमयू, लखनऊ से आमंत्रित विशेषज्ञ संकाय विशेषज्ञ संकाय डॉ. यादवेन्द्र धीर एवं डॉ. दिव्य नारायण उपाध्याय तथा यूपीयूएमएस से डॉ विक्रम सिंह राठौर ने प्रमुख सत्रों में सक्रिय सहभागिता की।
आपातकालीन चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष एवं आयोजन अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार मिश्रा ने अपने संदेश में कहा कि ग्रामीण ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ को निर्णय-आधारित, व्यावहारिक प्रशिक्षण देना इस कोर्स की आत्मा है, जिससे दुर्घटना के बाद गोल्डन आवर में अनावश्यक मृत्यु और विकलांगता को प्रभावी रूप से कम किया जा सके।
आयोजन सचिव एवं उप चिकित्सा अधीक्षक, डॉ. हिमांशु प्रिंस ने कहा कि इस आयोजन ने सिद्ध किया कि अग्रणी संस्थानों का सहयोग सीधे समाज को लाभ पहुँचाता है। प्रशिक्षण के दौरान एयरवे, ब्रीदिंग, सर्कुलेशन एवं हैमरेज कंट्रोल, ट्रायेज़, डिज़ास्टर प्रिपेयर्डनेस तथा हैंड्स-ऑन स्किल डिमॉन्स्ट्रेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम में प्रो-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) रमाकांत, डीन डॉ. आदेश कुमार, कुलसचिव पंकज वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक एवं सह-आयोजन अध्यक्ष डॉ. अमित सिंह और सह-आयोजन सचिव डॉ. राजमंगल भी उपस्थित रहे।

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