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बढ़ने वाले बालों का ट्रांसप्लांट कर रहे डॉ विवेक, एसिड-कैंसर पीडि़तों के लिए फ्री

-आईएमए में आयोजित सीएमई में दिवा क्लीनिक के प्लास्टिक सर्जन ने दिया व्याख्यान

सेहत टाइम्स

लखनऊ। गोमती नगर स्थित दिवा क्लीनिक के प्लास्टिक सर्जन डॉ विवेक सक्सेना ने बालों के पुननिर्माण के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जले हुए, कैंसर के कारण या किसी भी अन्य वजह से अगर सिर के बाल झड़ गये हैं या भौहें, दाढ़ी, मूंछें जल गयी हैं तो ऐसे लोगों में बालों का प्रत्यारोपण किया जा सकता है, यही नहीं प्रत्यारोपित किये गये बाल बाद में नेचुरल तरीके से बढ़ते भी हैं। विशेष जानकारी यह देते हुए कहा कि एसिड अटैक या किसी भी तरह से जले हुए लोगों, कैंसर के चलते गिरे हुए बालों वाले लोगों को बालों के प्रत्यारोपण की सुविधा पूरी तरह फ्री है, इसके लिए मरीजों से कोई पैसा नहीं लिया जाता है।

आईएमए में 23 मार्च को आयोजित सीएमई में बोलते हुए डॉ विवेक सक्सेना ने कहा कि हमने देखा है कि एसिड की शिकार लड़कियों की 25 से 30 सर्जरी के बाद भी उनकी सर्जरी का सिलसिला खत्म नहीं होता, उनके घरवालों का सब कुछ बिक जाता है, फिर भी चेहरा वापस नहीं आता। ऐसे लोगों का हम लोग पिछले 12 वर्षों से निशुल्क बालों का प्रत्यारोपण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमारी गोमती नगर स्थित दिवा क्लीनिक में अब तक लगभग 500 मरीजों की 800 सर्जरी नि:शुल्क की जा चुकी हैं।

उन्होंने बताया कि हमारी कोई एनजीओ नहीं है, और न ही हमें सरकार से कुछ मदद मिलती है, दरअसल हमारा मानना है कि जिस समाज ने हमको मान, सम्मान, पैसा दिया है तो हमारा भी फर्ज बनता है कि हम उसे किसी न किसी रूप में समाज को वापस करें, बस इसी भावना के साथ हम यह सेवा करते आ रहे हैं।

उन्होंने अपील की यदि किसी की भी जानकारी में ऐसे पीड़ित मरीज हों तो वे उन्हें हमारे सेंटर पर भेज सकते हैं जहां उनको निशुल्क हेयर ट्रांसप्लांट की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने बताया जिसके भी हेयर ट्रांसप्लांट करना होता है तो हम उसी के सिर के पीछे से बालों को जड़ सहित निकालकर पौधे की भांति उसके गंजेपन की जगह लगाते हैं, इससे जिस प्रकार एक जगह से पौधा निकालकर जड़ सहित दूसरी जगह लगाने पर पौधा सामान्य तरीके से ग्रो करता है, उसी प्रकार ट्रांसप्लांट में लगाये गये बालों की भी ग्रोथ प्राकृतिक तरीके से होतीे रहती है। इन्हें शैंपू से धोया भी जा सकता है, जैसे लोग बाल कटवाते हैं वैसे कटवाए भी जा सकते हैं।

सीएमई कार्यक्रम सुबह 9:30 बजे प्रारम्भ हुआ। इसमें कुल 23 चिकित्सा विषय कवर हुए। इन विषयों में समय-समय की बीमारियों, हृदय से सम्बंधित, पालेटिव केयर कैंसर की आखरी स्टेज, डायबिटिज, नेत्र रोग, हेयर ट्रान्सप्लांट, नशा, मोबाइल फोन से हो रहे नुकसान, महिला स्वास्थ्य, टीबी आदि विषयों पर व्याख्यान प्रस्तुत किये गये। कार्यक्रम में लगभग 100 डॉक्टरों ने भाग लिया।

सीएमई का उद्धाटन पूर्व अध्यक्ष डॉ रुखसाना खान के द्वारा किया गया। अध्यक्ष डॉ सरिता सिहं ने आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। इस मौके पर साइंटिफिक कमेटी के सलाहकार डॉ जी पी सिहं, साइंटिफिक कमेटी के चेयरमैन डॉ जेडी रावत, निवर्तमान अध्यक्ष डॉ विनीता मित्तल, अध्यक्ष निर्वाचित डा० मनोज कुमार अस्थाना ने आयोजन की सराहना की और कहा कि इस से डाक्टरों के ज्ञान में वृद्धि होती है, इस तरह के कार्यक्रम होते रहने चाहिये। आईएमए लखनऊ के सचिव डा संजय सक्सेना ने ‘स्वच्छ एवं स्वस्थ लखनऊ’ बनाने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में सचिव डॉ संजय सक्सेना ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ गुरमीत सिंह एवं डॉ अनिल कुमार त्रिपाठी ने किया।

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