-सम्पर्क में आये 65 डॉक्टर व कर्मचारी क्वारेंटाइन में भेजे गये, दो वार्डों को किया गया सेनिटाइज
सेहत टाइम्स ब्यूरो
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थित ट्रॉमा सेंटर में शनिवार शाम को डायबिटिक मरीज, जिसे सांस की बीमारी थी, को गंभीर स्थिति में भर्ती कराया गया था, जांच में मरीज के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद ट्रॉमा सेंटर में हड़कम्प मच गया, तब तक करीब 65 चिकित्सक व कर्मचारी संक्रमण की आशंका के दायरे में आ चुके थे। इन सभी को क्वारेंटाइन में भेज दिया गया है तथा कैजुअल्टी वार्ड व मेडिसिन इमरजेंसी विभाग को सेनिटाइज किया गया है।
जानकारी के अनुसार 11 अप्रैल को 64 वर्षीय पुरुष को ट्रॉमा सेंटर में डायबिटीज के साथ सांस की बीमारी से हुई गंभीर स्थिति के चलते भर्ती कराया गया था। कैजुअल्टी विभाग में देखने के बाद मरीज को मेडिसिन इमरजेंसी विभाग में भेजा गया। केजीएमयू के मीडिया प्रवक्ता द्वारा बताया गया है चूंकि मरीज की हालत गंभीर थी इसलिए उसका परीक्षण कैजुअल्टी विभाग और मेडिसिन इमरजेंसी विभाग के चिकित्सकों ने किया तथा प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को न्यूरोलॉजी विभाग में बने ट्रायेज क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया था।
प्रवक्ता के अनुसार मरीज की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उसे आईसोलेशन में भेजा गया है। इस समय मरीज कोरोना वार्ड में वेंटीलेटर पर है। प्रवक्ता ने बताया कि रिपोर्ट को देखते हुए ही कैजुअल्टी विभाग और मेडिसिन इमरजेंसी विभाग को सेनिटाइज कर दिया गया है तथा मरीज के सम्पर्क में आये 65 चिकित्सकों व कर्मचारियों को क्वारेंटाइन कर दिया गया है।
