600 वैज्ञानिक रिसर्च में भी सिद्ध हुआ कि ‘भावातीत ध्‍यान’ सर्वश्रेष्‍ठ माध्‍यम है तनाव दूर करने का

महर्षि सूचना प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, लखनऊ में आयोजिेत ओरियन्‍टेशन कार्यक्रम के दूसरे दिन छात्रों को बताया गया भावातीत ध्‍यान का महत्‍व

लखनऊ। भावातीत ध्‍यान का अभ्‍यास तनाव प्रबंधन का सर्वश्रेष्‍ठ माध्‍यम है। विद्यार्थी इसके नियमित अभ्‍यास से अपने अवचेतन मस्तिष्‍क का ज्‍यादा से ज्‍यादा उपयोग अपने अध्ययन एवं रचनात्मक कार्यो में कर सकते हैं। स्‍वास्‍थ्‍य एवं सफलता पाने का यह मंत्र भावातीत ध्‍यान शिक्षक अरविन्‍द सक्‍सेना ने शुक्रवार को महर्षि सूचना प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, लखनऊ के वाणिज्य एवं प्रबन्धन संकाय में बी कॉम, एम कॉम, बीबीए,  एमबीए के नये छात्रों के लिए आयोजित किये जा रहे ओरियंटेशन कार्यक्रम के दूसरे दिन दिया।

 

उन्‍होंने बेहद रोचक ढंग से नये विद्यार्थियों को महर्षि योगी जी के विश्वव्यापी ख्याति प्राप्त ’भावातीत ध्यान’ विधि के विषय में पावर प्‍वॉइन्ट प्रजेन्टेशन द्वारा बताया और कहा कि भावातीत ध्यान तनाव प्रबन्धन का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है। उन्‍होंने बताया कि भावातीत ध्‍यान बहुत ही सरल, स्‍वाभाविक और वैज्ञानिक पद्धति है। इसे सुबह और शाम 15 से 20 मिनट तक करना चाहिये। पिछले 35-40 वर्षों में इस पद्धति से तनाव दूर करने को लेकर 35 देशों के 235 विश्‍वविद्यालयों में 600 वैज्ञानिक रिसर्च हो चुकी हैं।

 

अरविन्‍द सक्‍सेना ने बताया कि भावातीत ध्‍यान का असर मन, शरीर और व्‍यवहार पर पड़ता है। इस ध्‍यान से ये तीनों परिष्‍कृत होते हैं यानी इनकी शक्ति बढ़ जाती है। क्‍योंकि जब हम तनावहीन होते हैं तो हमारी सोचने की शक्ति बढ़ जाती है। इसके नियमित अभ्‍यास से हमारा ब्‍लड प्रेशर नॉर्मल रहता है यानी अगर हाई ब्‍लड प्रेशर या लो ब्‍लड प्रेशर की शिकायत है तो वह दूर हो जाती है, इसके अलावा जिन व्‍यक्तियों का ब्‍लड प्रेशर नॉर्मल रहता है उनका हमेशा नॉर्मल बना रहता है। जब मन और शरीर हमारे व्‍य‍वस्थित होते हैं तो व्‍यवहार अपने आप ही अच्‍छा हो जाता है।

 

इससे पूर्व अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, लखनऊ में भूतपूर्व निदेशक प्रोफेसर एएस विद्यार्थी ने नये छात्रों को सम्बोधित करते हुये कहा कि विद्यार्थी परिश्रम से अध्ययन करें एवं तत्परता से अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए, देश को विकासशील से विकसित भारत बनाने में सक्रिय योगदान दें।

 

विद्यार्थियों को सम्‍बोधित करते हुए कुलपति प्रो पीके भारती, म‍हर्षि ग्रुप के अनूप श्रीवास्‍तव एवं अभिषेक वर्मा ने भी सफलता की कामना करते हुए विद्यार्थियों को शुभकामनायें दीं। वाणिज्य एवं प्रबन्धन संकाय के संकायाध्यक्ष सपन अस्थाना ने संकाय का विस्तृत परिचय विद्यार्थियों को दिया। विश्वविद्यालय की अधिष्ठाता (छात्र कल्याण), प्रो0 नीता उपाध्याय ने विद्यार्थियों को उनके सुविधाओं एवं कल्याण से सम्बन्धित विविध जानकारी भी दी।

 

कार्यक्रम के अन्त में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो पीयूष पाण्डेय ने विद्यार्थियों से अपील की वाणिज्य एवं प्रबन्धन के छात्र अपने अध्ययन में केस स्टडी, प्रोजेक्ट को अवश्य शामिल करें। इस अवसर पर संकाय के प्रो आरडी द्विवेदी, प्रो डीके गोस्वामी, डॉ एके सिंह, डॉ आनन्द कुमार, रश्मि राकेश, अनुरंजिता, अवनीश कुमार सिंह, आरपी सिंह सहित विभिन्न शिक्षक एवं विद्यार्थी भी उपस्थित थे।