सरकारी अस्पतालों की व्यक्तिगत मांगों के आधार पर मार्शलों की तैनाती को भी मंजूरी दी जाएगी

सेहत टाइम्स
लखनऊ। सरकार ने सभी केंद्रीय सरकारी अस्पतालों की सुरक्षा तैनाती में 25 प्रतिशत की वृद्धि की अनुमति दे दी है। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला रेजीडेंट डॉक्टर के साथ दरिंदगी के साथ किये गये रेप और हत्या के मामले के बाद रेजीडेंट डॉक्टरों द्वारा घटना के विरोध और अपने सुरक्षित माहौल में कार्य करने की व्यवस्था किये जाने की मांग को लेकर कार्य बहिष्कार जारी है।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल के अलावा सरकारी अस्पतालों की व्यक्तिगत मांगों के आधार पर मार्शलों की तैनाती को भी मंजूरी दी जाएगी। कोलकाता की घटना के बाद केंद्रीय कानून की मांग को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में रेजिडेंट डॉक्टर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल, दिल्ली, हरियाणा और केरल सहित छब्बीस राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के लिए कानून पारित किए हैं। अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने कुछ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के साथ बैठकें की हैं और उन्हें इन पहलुओं के बारे में बताया है।
अस्पतालों में रेजिडेंटों के लिए सुरक्षा और सुविधाओं के विभिन्न पहलुओं जैसे ड्यूटी रूम और काम के घंटे आदि पर विचार करने के लिए महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाओं की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी।
दूसरी ओर उच्चतम न्यायालय इस वीभत्स कांड का स्वतः संज्ञान लेते हुए 20 अगस्त को मामले की सुनवाई करने जा रहा है। पीठ इस केस को प्राथमिकता के आधार पर सुनेगी। यही नहीं सीबीआई द्वारा भी कोलकाता कांड में जांच जारी है।

