
लखनऊ। क्या आप जानते हैं कि हमारे खान-पान का गुर्दे की पथरी से सीधा सम्बन्ध है, गुर्दे में पथरी होने की संभावना बढ़ाने में जहां कु़छ खाद्य पदार्थ सहायक होते हैं वहीं कुछ ऐसे भी खाद्य पदार्थ हैं जो पथरी की संभावना कम करने में सहायक होते हैं। यह कहना है किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के सर्जन प्रो विनोद जैन का।
अधिक प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ पथरी बनाने में सहायक
प्रो विनोद जैन ने एक मुलाकात में ‘सेहत टाइम्स’ से इस विषय पर बातचीत की। उन्होंने बताया कि गुर्दे की पथरी और खान-पान में चोली-दामन का सम्बन्ध है। कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो पथरी बनाने में सहायक होते हैं, जैसे अधिक प्रोटीन वाली चीजों में मांस, पनीर, मटर से यूरिक एसिड पथरी बनने में और कुछेक हरी सब्जियों से ऑक्जलेट पथरी बनने में और अधिक मात्रा में यदि नमक, घी, तेल का सेवन किया जाये तो भी पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि अधिक मात्रा में चाय, काजू, मूंगफली, पालक, सरसो का साग, चुकंदर, चॉकलेट, मिर्च, शरीफा, स्ट्राबेरी जैसी चीजों में ऑक्जलेट की मात्रा अधिक होती है अत: इनके सेवन से हर प्रकार की पथरी की संभावना रहती है।
साइट्रेट, मैगनीशियम व पोटेशियम से युक्त चीजें फायदेमंद
प्रो जैन ने बताया कि दूसरी ओर यह भी सिद्ध हो चुका है कि साइट्रेट, मैगनीशियम एवं पोटेशियम की कमी से भी पथरी हो सकती है, तो ऐसे में इनकी कमी पूरी करने के लिए अगर इनसे युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाये तो पथरी से बचा जा सकता है। यही नहीं विटामिन बी-६ की कमी से भी मूत्र में ऑक्जलेट की मात्रा बढ़ जाती है जिससे पथरी बनने की संभावना ज्यादा होती है, विटामिन बी-६ की नियमित मात्रा के सेवन से दोबारा पथरी बनने से रोका जा सकता है। प्रो जैन बताते हैं कि यदि अधिक पोटेशियमयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाये तो पथरी का बचाव हो सकता है जैसे केला, बीन्स, आलू, कद्दू आदि। चूंकि इन पदार्थों में पोटेशियम होता है जिससे मूत्र में कैल्शियम की मात्रा कम हो जाती है। तीन-चार केले प्रतिदिन खाने से प्रचुर मात्रा में मैगनीशियम मिलता है जो कि पथरी बनने से रोकता है। प्रो जैन ने बताया कि इसी प्रकार कुछ फल जैसे नीबू, संतरा, मौसमी का सेवन भी पथरी बनने की संभावना को कम करता है। ये फल मूत्र में साइट्रेट की मात्रा बढ़ाते हैें और साइट्रेट पथरी बनने से रोकता है। इसी प्रकार चोकरयुक्त आटे से बनी रोटियां खाने से भी पथरी बनने से रोका जा सकता है।
मांसाहारी दें विशेष ध्यान
प्रो जैन बताते हैं कि जो लोग मांसाहार का सेवन करते हैं उन्हें पथरी होने की संभावना अधिक होती है क्योंकि मांसाहारियों का मूत्र ज्यादा अम्लीय होता है और उनमें पथरी बनने वाले कण ज्यादा मात्रा में पाये जाते हैं अत: यह जरूरी है कि मांसाहारी व्यक्ति विशेष रूप से समुचित पानी के सेवन पर ध्यान दें।
पानी पीना कितना आवश्यक
प्रो जैन ने बताया कि चूंकि कम पानी पीने वाले व्यक्ति का मूत्र अधिक गाढ़ा होता है इसलिए अधिक पानी के सेवन से मूत्र पतला हो जाता है जिससे पथरी बनने की संभावना कम रहती है। जहां तक पानी पीने का सवाल है तो यह पर्याप्त मात्रा में बराबर पीते रहना चाहिये। चूंकि गुर्दे में मूत्र तो हमेशा ही बनता रहता है इसलिए पानी भी बराबर पीते रहना चाहिये। उन्होंने बताया कि यहां यह भी समझना जरूरी है कि बहुधा रोगी दिन के समय से रात तक तो ज्यादा पानी पी लेते हैं लेकिन सुबह से दोपहर तक कम पानी पीते हैं। उन्होंने कहा कि सोने से पूर्व पानी पीकर सोयें, रात में पेशाब के लिए नींद खुलने पर फिर पानी पीयें और सुबह चाय आदि पीने से पूर्व एक गिलास पानी अवश्य पीयें। इसके बाद अपने कार्य पर जाने से पूर्व पानी पीकर जायें। इस सरल तरीके को अपनाने से गुर्दे की पथरी को बनने से रोका जा सकता है।
इन पेय पदार्थों का भी करें सेवन
प्रो जैन ने बताया कि स्वच्छ पानी के अलावा कुछ पेय पदार्थ ऐसे हैं जिनका पर्याप्त मात्रा में प्रयोग करके पथरी से बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि ऐसे पेय पदार्थों में नारियल पानी, शरबत, जौ का पानी, संतरे एवं मौसमी का रस शामिल हैं।
